AISF Begusarai Protest

एसटीइटी की परीक्षा में बीएड के एपीयरिंग छात्रों को शामिल नहीं करना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़: AISF

198
Moinul Haque

मोईनुल हक़ नदवी

बेगूसराय। बीएड के एपीयरिंग छात्रों को एसटीईटी की परीक्षा में शामिल नहीं करने से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन बेगूसराय जिला परिषद के बैनर तले आज कैंटीन चौक पर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया।

पुतला दहन कार्यक्रम की शुरुआत पटेल चौक स्थित जिला कार्यालय से जुलूस की शक्ल में संगठन के नगर सचिव विवेक कुमार एवं B.Ed एपीयरिंग छात्रों के का नेतृत्व कर रहे प्रेमचंद्र के नेतृत्व में लगभग दो दर्जन की संख्या में निकला। मेन रोड होते हुए कर्पूरी स्थान चौक टेरीनाथ मंदिर, नगरपालिका चौक के रास्ते एपीयरिंग बीएड के छात्रों को एसटीईटी की परीक्षा में शामिल होने का मौका देना होगा।

शिक्षा मंत्री हाय हाय, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हाय हाय, राज्य के शिक्षा के साथ खिलवाड़ करना बंद करो इत्यादि गगनभेदी नारे लगाते हुए कैंटीन चौक पर पहुंचा। कैंटीन चौक पर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया उसके बाद पुतला को मुखाग्नि अब्दुल कादिर एवं दीपक कुमार यादव ने संयुक्त रूप से दिया।

पुतला दहन के बाद एक सभा का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता एआईएसएफ के जिला अध्यक्ष सजग सिंह कर रहे थे। सभा को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अमीन हमजा ने कहा कि राज्य सरकार यह तुगलकी फरमान जारी करके बीएड के एपीयरिंग छात्र एसटीसी के परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता है।

अपने शिक्षा विरोधी रवैए को उजागर कर दिया है। जिन्होंने B.Ed का परीक्षा दे दिया है और रिजल्ट नहीं आ पाया है वैसे बच्चों को भी एसटीईटी के परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलना चाहिए अगर ऐसा नहीं होता है तो हमारा संगठन राज्य भर के अभ्यर्थियों को एकत्रित करके आम छात्रों के बीच जाकर सरकार के इस शिक्षा विरोधी रवैया का पोल खोलने का काम करेगी और उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगा जिसकी सारी जवाबदेही राज्य सरकार एवं शिक्षा मंत्री की होगी।

अपने अध्यक्षीय भाषण में जिला अध्यक्ष सजग सिंह ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार के द्वारा जो प्रतियोगी परीक्षा का फॉर्म 2 साल में निकालना चाहिए उसे 8 साल में निकाला गया। छात्रों के दूसरी तरफ वैसे छात्रों को जिन का रिजल्ट 10 से 15 दिनों के अंदर आने वाला है उनको उक्त एसटीटीके परीक्षा से में शामिल होने से रोकना उन अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

उन अभ्यर्थियों को एसटीईटी परीक्षा में शामिल किया जाए नहीं तो हमारा संगठन आर-पार की लड़ाई अख्तियार करने को बाध्य होगा। जिला मंत्री किशोर कुमार ने कहा कि सरकार का शिक्षा विरोधी मनशा पूरी तरह से उजागर हो चुका है। इसके विरोध में बिहार के छात्र नौजवानों को एकत्रित होने की जरूरत है।

संगठन के जिला उपाध्यक्ष राकेश कुमार एवं जीडी काॅलेज छात्र संघ महासचिव अमरेश कुमार ने कहा बीटेट परीक्षा की तर्ज पर एसटेट में भी बीएड के वर्तमान छात्रों को आवेदन करने का अवसर दिया जाना चाहिए। सालों बाद बिहार में इस तरह का प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन को लेकर छात्रों में खुशी थी,पर उन्हें बिहार सरकार और बिहार बोर्ड के द्वारा फॉर्म भरने से वंचित कर हतोत्साहित किया जा रहा है।हमारा संगठन सरकार के इस हिटलरशाही फैसलें का हरसंभव प्रतिकार करेगा। पुतला दहन कार्यक्रम के मौके पर नगर नेता रौनक कुमार, दीपक कुमार, पुष्पम कुमार, पुष्पम कुमार, शशांक राज, स्वास्तिक कुमार, मयंक भारती, अब्दुल अहद, रोशन कुमार इत्यादि उपस्थित थे।