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भारत बंद के समर्थन में निकला विरोध मार्च

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Mukesh Goshwami

मुकेश कुमार गोस्वामी

कोडरमा। संविधान बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर मोदी सरकार द्वारा दलित आदिवासी, पिछड़ा और अल्पसंख्यकों पर किए जा रहे हमले, संविधान के साथ छेड़छाड़ और 13 प्वाइंट रोस्टर के खिलाफ आयोजित भारत बंद के समर्थन में झुमरीतिलैया में विरोध मार्च निकाल कर महाराणा प्रताप चौक पर सभा किया गया।

इससे पूर्व श्रम कल्याण केंद्र से जुलूस निकाला गया, जो झुमरीतिलैया मुख्य बाजार, झंडा चौक, ओवर ब्रिज होते हुए सुभाष चौक पहुंचा, जहां अम्बेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। जुलूस मे संविधान बचाओ, देश बचाओ, भाजपा हटाओ, लोकतंत्र बचाओ, 13 प्वाइंट रोस्टर समाप्त करो, संविधान पर हमला बंद करो, 85 प्रतिशत जनता की एकता जिंदाबाद, बाबा साहेब अम्बेडकर जिंदाबाद आदि नारे लगाये जा रहे थे।

जुलूस वापस होकर महाराणा प्रताप चौक पर सभा मे तब्दील हो गया। अध्यक्षता संघर्ष समिति के जिला संयोजक व राजद के जिलाध्यक्ष गुलाम जिलानी और संचालन इन्द्रदेव राम ने किया। सभा को सीपीएम नेता संजय पासवान, माले नेता श्यामदेव यादव, भाकपा नेता प्रकाश रजक, जेवीएम नेता खालीद खलील, बेदु साव, बसपा नेता प्रकाश अम्बेडकर, राजद नेता देवेन्द्र मेहता, जिप सदस्य शांति प्रिया, मनोज रजक आदि ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा संविधान में छेड़छाड़ कर मौलिक अधिकारों को कम कर रही है, राष्ट्रवाद के नाम पर विपक्षी लोगों को देशद्रोही बताकर अभिव्यक्ति की आजादी को रोका जा रहा है, विश्वविद्यालयों मे 13 प्वाइंट रोस्टर लागू कर दलित, आदिवासी, पिछड़े को शिक्षक बनने से रोक लगाकर आरक्षण पर सीधा हमला किया जा रहा है, आज देश में अल्पसंख्यक और दलित भय के माहौल में जी रहा हैं।

भाजपानीति मोदी सरकार देश में नफरत का माहौल पैदा कर चुनाव जितना चाहती है, जिसे देश की अमन पसंद जनता कामयाब नहीं होने देगा। धन्यवाद ज्ञापन विजय रजक और दुर्गा राम ने किया।

विरोध मार्च में विजय यादव, जिप सदस्य राजकुमार यादव, पार्षद घनश्याम तुरी, डीएसएमएम के जिला सचिव महेन्द्र तुरी, अरशद खान, रामबालक चौधरी, सुदर्शन यादव, खगेन्द्र राम, डॉ. कैलाश राम, जनकदेव राम, विजय रजक, दुर्गा राम, सुरेश दयाल तुरी, सकिन्द्र कुमार, कैलाश रजक, बसमतीया देवी, सीमा देवी, संजय दास, सुनील दास, गणेश दास, चरणजीत सिंह, कृष्णा चौधरी, बिरेन्द्र यादव, जयप्रकाश वर्मा, धीरज यादव, राजेश रजक, विकास रजक, विजय सिपाही, रंजीत दास, हरेन्द्र राम, जितेन्द्र दास, कैलाश दास सहित सैकड़ों की संख्या में दलित, आदिवासी, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल थे।