BREAKING NEWS
Search
रुईया

इस बार ‘भतार’ नें कराया बीएचयू में बवाल, युनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा दांव पर

442
Share this news...

छात्र/छात्राओं द्वारा बार-बार किये जानें वाले विरोध-प्रदर्शन और उत्पात से खराब हो रहा है बीएचयू का नाम…

Tabish Ahmed

ताबिश अहमद

 

 

 

 

 

वाराणसी: बनारस हिंदु विश्वविद्यालय में स्टुडेंट्स द्वारा किये जानें वाले धरना-प्रदर्शन, मार-पीट और उपद्रव, उत्पात से विश्वविद्यालय की डिसिप्लिन और सुरक्षा व्यावस्था पर सवाल उठने लगा है। भारत के टॉप एडुकेशनल इंस्टिट्यूट में से एक बीएचयू अपनी प्रतिष्ठा खो रहा है। यदि जल्दी ही कैंपस में बार-बार सर उठानें वाली हिंसा पर काबू नही पाया गया तो एक दिन ऐसा भी आएगा जब इण्डिया के बेस्ट टैलेंटस् को हायर एडुकेशन के लिए बीएचयू जैसा इंस्टिट्यूट नजर नही आएगा।
आगजनी

Students burning garbage to create havoc among University Staff and Students…

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में होने वाले बवाल का ताजा मामला कल दोपहर का है, जब छात्र सडको पर उतरे और कूड़े के डब्बे में आगजनी कर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया और चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी कर उनके इस्तीफे की माँग की। पूरा मामला चीफ प्रॉक्टर द्वारा छात्र के साथ की गई बदसलूकी से जुड़ा है।

बीएचयू में आज एक बार फिर हंगामा हुआ चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह द्वारा साथी छात्र से बदसलूकी से नाराज रुइया के छात्रों ने हॉस्टल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते छात्रों ने पास रखे कूड़े के डब्बो को भी आग लगा दी, और सड़क जाम कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। छात्र अपने हॉस्टलमेट से बदसलूकी का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह के इस्तीफे की मांग पर अड़े थे।

छात्रों के हंगामे की सूचना के बाद बीएचयू के सुरक्षाकर्मी एवं जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाल लिया। छात्रों की माने तो चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह द्वारा संस्कृत संकाय के छात्र को अपने कार्यालय में बुलाकर उसके साथ न सिर्फ बदसलूकी की बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी है। जो भी हो लेकिन लगातार हो रहे बवाल और हंगामे से एक बात तो साफ़ है कि अब विश्वविद्यालय का माहौल छात्रों के पढ़ाई के लिए सही नहीं है।

भतार

Students of Journalism gathered to sit on Dharna, making Ryana Singh to quit. The problem is ‘Bhatar’ a Bhojpuri word between both parties…

बता दें कि कल जब रुइया छात्रावास का बवाल चल रहा था कि सूचना मिली की बिरला हॉस्टल के एक छात्र को कुछ लोगों ने बहुत बुरी तरह से मारा है जिसका इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा था। जैसे ही यह सूचना छात्रों को मिली छात्रों के एक गुट नें लंका थाने के बगल से छात्र को मारने वाले युवकों में से एक को पकड़ लिया और उठाकर विश्वविद्यालय के तरफ भागने लगे, यह देख कर लंका थाने के उप निरीक्षक अतुल सिंह ने अपनी जान की बाजी लगाकर छात्रों से उस लड़के को बचाया। इसी आपाधापी में अतुल सिंह का मंहगा मल्टीमीडिया सेट कहीं गिर गया।

घटना की जानकारी आलाधिकारियों को हुई तो मौके पर एसपी सिटी दिनेश सिंह के साथ कई थाने की फोर्स एवं पीएसी पहुंची साथ में सीओ भेलूपुर अयोध्या प्रसाद सिंह एवं सीओ दशास्वमेध स्नेहा तिवारी भी मौके पर पहुंची। पूरे दिन आज बीएचयू धरने प्रदर्शन के बीच रहा।

उधर सुबह से पत्रकारिता विभाग के छात्र धरने पर बैठे हुए थे जब सीओ भेलूपुर अयोध्या प्रसाद सिंह को छात्रों ने बताया कि चीफ प्राक्टर ने यह आरोप लगाया है की छात्रों ने उनके लिए ‘भतार’ नामक शब्द  का इस्तेमाल किया है तो अयोध्या प्रसाद सिंह भतार नामक शब्द को समझ ही नहीं पाए। ज्ञात हो कि “भतार” एक भोजपुरी शब्द है जिसका अर्थ पति, मर्द, हसबैंड होता है। अब यह भतार का शगूफ़ा आंदोलन को कितनी दूर तक ले जाता है यह देखने वाली बात होगी।

बहरहाल, रात्रि 10:40 बजे तक सारी फोर्स लौट चुकी है और फिलहाल झिगुंरों की आवाज के अलावा कैंपस में सबकुछ शांत दिखाई दे रहा है।

Share this news...