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Manju Verma

नीतीश मंत्रीमंडल में एकमात्र महिला विधायक

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Kirti mala

कीर्ति माला

बेगूसराय। आज नीतिश मंत्रीमंडल का विस्तार हुआ और कई मंत्रीयों को शपथ दिलाई गई। उसमें से एक बहादुर महिला विधायक का भी नाम सामने आया।

जी हां नीतीश मंत्रीमंडल में एकमात्र महिला विधायक चुनी गई हैं वो है मंजू वर्मा। जो कि चेरिया बरियारपुर से विधायक है। कुमारी मंजू वर्मा को विरासत में राजनीति मिली और अपने दम पर अपना कद बढ़ाकर महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गईं।

अपने ससुर पूर्व विधायक स्व. सुखदेव महतो की राजनीति को आगे बढ़ाया। खगड़िया जिले के अलौली गांव के स्वतंत्रता सेनानी राजेंद्र प्रसाद ¨सह के घर में पैदा हुईं मंजू का बचपन से राजनीति से लगाव रहा। संयोग यह हुआ कि उनकी शादी विधायक के पुत्र चंद्रशेखर वर्मा से हुई, तो उनके सपनों को परवाज भरने की उम्मीद जगी। क्रांतिकारी परिवार में जन्मी मंजू की प्रारंभिक शिक्षा अलौली में ही हुई।

मैट्रिक की परीक्षा के बाद उनकी शादी हो गई। ससुराल में ही परिवार की देखरेख में इंटर पास की। इस बीच एक पुत्र एवं दो पुत्री की मां बन गईं और आगे की पढ़ाई रुक गई। उनके ससुर वर्ष 1980 में भाकपा से विधायक चुने गए थे। लेकिन दूसरी बार वो विधानसभा नहीं जा सके। क्योंकि भाकपा ने दूसरी बार उनको टिकट नहीं दिया था। तब निर्दलीय चुनाव लड़ पार्टी के समर्थित उम्मीदवार को नाको चने चबा दिया था।

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बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। लेकिन विधायक नहीं बन सके और राजनीतिक कद गड़बड़ाने लगा। तब मंजू ने राजनीति की दुनिया में वर्ष 2005 में श्रीपुर पंचायत से प्रमुख बनने की चाहत में पंचायत समिति सदस्य पद से चुनाव लड़ीं। परंतु उम्मीद पर पानी फिर गया। लेकिन क्षेत्र में नाम की चर्चा होने लगी।

मंजू ने जदयू की सदस्यता ग्रहण कर क्षेत्र से जुड़कर संघर्ष करना शुरू कर दिया। वर्ष 2007 में बलिया की सभा में मुख्यमंत्री के समक्ष बोलने का मौका मिला तो उनकी पहचान बढ़ी तथा ससुर की राजनीतिक पकड़ के कारण वर्ष 2010 में पहली बार चुनकर विधानसभा पहुंचीं। दूसरी बार भारी अटकलों के बाजार में दुबारा टिकट मिला तो विधानसभा पहुंची।

तब समाज कल्याण विभाग की मंत्री का पद मिला। मंत्रीमंडल के साथ दूसरी बार मंत्री बनाए जाने पर शंकाओं का बाजार गर्म था। लेकिन मंजू वर्मा इन सबसे बेफिक्र थीं और अंत तक उनका नाम नहीं लिया गया था। और अंत में उनका नाम लिया गया।तो उनके कार्यकर्ता खुशी मनाने लगे। तब मंजू वर्मा ने अपने मंत्री पद की शपथ ली।

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