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दुनिया को इसने बताया था योगी आदित्यनाथ ही होंगे यूपी के सीएम

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– मोतिहारी के इस शख्स ने पहले ही कर दी थी योगी के सीएम बनने की भविष्यवाणी…

टीम डिजिटल,

मोतिहारी। यूपी में योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी के साथ ही सीएम को लेकर चल रहा सस्पेंस और अटकलों का दौर अब हालांकि खत्म हो चुका है। तमाम विवादों व बहस के बीच योगी आदित्यनाथ सीएम की रेस में बाकी सभी पर भारी पड़ गए। लेकिन, आइए हम आपको मिलाते हैं बिहार के मोतिहारी शहर के एक छोटे से कस्बे-अम्बिकानगर मुहल्ले के रहने वाले उस शख्स से जिसने सबसे पहले यह भविष्यवाणी कर रखी थी कि यूपी का सीएम योगी आदित्यनाथ ही होंगे और उसकी यह भविष्यवादी बिल्कुल सच साबित हुई है।

सीएम पद के लिए नाम का ऐलान होने से ठीक चार दिन पहले इस आम आदमी ने पूरे दावे और यकीन के साथ दुनिया को बता दिया था कि योगी ही यूपी के शहंशाह होंगे। इस शख्स का नाम है मुकेश कुमार उर्फ अमन पाण्डेय। मोतिहारी के बंजरिया थानान्तर्गत अम्बिकानगर मुहल्ले के रहने वाले स्व. रमेश चंद्र पाण्डेय के पुत्र अमन पाण्डेय ने फेसबुक पर यह भविष्यवाणी कर रखी थी।

बुधावार रात तब ठीक 11 बजकर 46 मिनट हो रहा था, जब इस आम आदमी ने पूरे दावे और यकीन के साथ योगी के सीएम बनने की भविष्यवाणी की और दुनिया को इस बात से अवगत भी कराया। फेसबुक मैसेंजर पर क्या कुछ लिखा था इस शख्स ने पेश है हूबहू वह अंश-योगी आदित्यनाथ सर यूपी के सीएम नहीं शेर हो आप। मेरा समर्थन व दुआ आपके साथ है।

सीएम जनता तय करेगी। ये भी पीएम मोदी और अमित शाह ही तय करें तो नाइंसाफी होगी। जय हो! आप ही होंगे यूपी के शहंशाह। योगी आदित्यनाथ के फेसबुक मैसेंजर पर इस शख्स ने अपना पोस्ट लिखा था। योगी आदित्यनाथ फैन क्लब, एमपी योगी आदित्यनाथ और योगी आदित्यनाथ गोरखपुर  नाम वाले फेसबुक मैसेंजर पर भी पोस्ट डाल रखा था। जवाब में इस शख्स को थैंक्स और सपोर्टिंग के लिए आभार जताते हुए तुरंत उधर से मैसेज भी आया।

दावे और भविष्यवाणी वाला वह पोस्ट इस खबर के साथ प्रेषित है, जिसकी सत्यता आप कोई खुद भी परख सकते हैं। लिहाजा, इस शख्स की भविष्यवाणी के सच साबित होने के बाद मीडिया के कयासों व दूसरों की भविष्यवाणी की हवा निकलकर रह गई है। पिछले कुछ दिनों से जिन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चाएं चल रही थीं उनमें से कोई भी मुख्यमंत्री नहीं बना, बल्कि जिस नाम को लेकर चर्चा नाम मात्र रही वह मुख्यमंत्री बन गया। तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा की तरफ से आखिरकार योगी आदित्यनाथ को यूपी का मुख्यमंत्री चुन लिया गया।

अब आइए, बताते हैं क्या है इस शख्स के दावे का वह आधार जिसके बिना पर इसे योगी के सीएम बनने का इतना यकीन और दावा था। उसने बताया कि गोरखपुर से लगातार 1999 से लोकसभा सदस्य रहे योगी आदित्य नाथ की छवि एक प्रखर हिंदूवादी नेता की रही है। मुख्यमंत्री पद की दौड. में यूं तो कई नाम चल रहे थे, जिनमें अनुभव और बेहतर छवि के आधार पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय संचार मंत्री मनोज सिन्हा के नाम सबसे उपर चल रहे थे।

माना जा रहा था कि जाति और सामाजिक समीकरण से उपर उठकर इस बार भाजपा विकास के मुद्दे पर आगे बढ़ेगी। लिहाजा, सामाजिक समीकरण साधने के बजाए अनुभव, कद-काठी व निर्विवाद छवि को को तरजीह देगी। इन्हीं वजहों से राजनाथ सिंह व मनोज सिन्हा के नाम सुर्खियों में आए। लेकिन, सियासत और जनता का मिजाज शायद इसी को कहते हैं, जिनमें कब किसका पलड़ा भारी पड़ जाए कहना मुश्किल हो जाता है। हुआ भी ऐसा ही। योगी आदित्यनाथ अचानक रेस में आगे निकल गए। हालांकि, योगी का सीएम बनना इतना आसान भी न था। क्योंकि पीएम मोदी के उस सिद्धांत से मेल नहीं खाता जिसमें वो बार-बार जाति से उपर उठकर विकास के मुद्दे को सामने लाने की बात करते रहे हैं।

ऐन वक्त पर यानी मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने से महज कुछ देर पहले तक रेस में सबसे आगे चल रहे केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा की साफ-सुथरी छवि, मोदी सरकार में उनका दबदबा, बेहतर परफाॅर्मेंस सब जातीय समीकरण के ब्रेकर में फंस जाने का मुझे यकीन था। मोदी-शाह की जोड़ी की पसंद होने के बावजूद मनोज सिन्हा का गणित योगी की करिश्माई छवि व व्यक्तित्व के आगे कहीं नहीं ठहरती। और आखिरकार महंथ आदित्यनाथ बाजी मार ले गए।


इस शख्स का दूसरा तर्क मानवता व इंसानियत को झकझोर देती है। दरअसल, यह भविष्यवाणी इसके मुंह से अचानक नहीं निकली। इस शख्स का भाई लीवर ट्रांसप्लांटेशन के इंतजार में जिंदगी और मौत से मुंबई में जूझ रहा है। इलाज में 25 लाख रूपये का बजट मुंबई के ग्लोबल अस्पताल के डिर्पाटमेंटल हेड डाॅ. समीर आर. शाह ने दिया है। एक गरीब और आम आदमी इतने पैसे का इंतजाम कहां से कर पाएगा।

इसकी बेचैनी में इसने अपने भाई के इलाज के लिए पीएमओ से लेकर बिहार के सीएम, डिप्टी सीएम, स्पीकर, सलमान खां और उनकी संस्था बीईंग ह्यूमन, उद्योगपति मुकेश अंबानी से लेकर देश की तमाम बड़ी राजनीतिक व व्यवसायिक हस्तियों तक गुहार लगाई। लेकिन मदद तो दूर सहानुभूति के दो शब्द भी हासिल नहीं हो पाए। तभी इस शख्स के दिलो-दिमाग में योगी आदित्यनाथ के करिश्माई व्यक्तित्व व दरियादिली का ख्याल आया। और एकबारगी ऐसा लगने लगा योगी ही यूपी के सीएम बनने जा रहे हैं।

क्यों नहीं उनसे फरियाद लगाई जाए। फिर क्या था भाई के इलाज की चिंता में भूख-प्यास और नींद हराम कर चला यह शख्स फेसबुक खोला। तब रात के पौने 12 बज रहे थे। और अपने दर्द के साथ उनके सीएम बनने की भविष्यवाणी भी लिख डाली। आज वह सबकुछ दुनिया के सामने है।