Kiran Bihar

किरण ने किया बिहार का नाम रौशन, मिलेगा ग्रेट अचीवर अवार्ड

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बेताब अहमद,

मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपने में जान होती है. पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. इस कहावत को बक्सर की बेटी ने चरितार्थ कर दिखाया है. बेटियां अपने शारीरिक बनावट के कारण समाज में कई तरह से परेशानी झेलती हैं. लेकिन, शहर के इटाढ़ी रोड की रहने वाली शोभा किरण ने अपनी शारीरिक बनावट के बदौलत ही मिसेज इंडिया की बॉडी फिट कंपीटिशन की विजेता हैं. एडिवा इनोवेशन द्वारा आयोजित कंपीटिशन में देशभर के 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था.

अब उन्हें समाजिक क्षेत्र में उनके योगदान, मॉडलिंग से एकत्रित पैसों से स्कूली बच्चों का सहयोग व अनाथ बच्चों की शैक्षणिक मदद करने को लेकर उन्हें पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्मृति ग्रेट अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. यह सम्मान उन्हें आगामी रविवार को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में दिया जाएगा. किरण को महाराष्ट्र ने चंद्रपुर नगर निगम के लिए स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड अंबेसडर नियुक्त किया है.

केंद्रीय विद्यालय से ग्रहण किया शिक्षा 


बचपन से ही मेधावी रही शोभा किरण ने विभिन्न केंद्रीय विद्यालय से शिक्षा ग्रहण किया है. स्कुल से लेकर कॉलेज तक टॉपर रही हैं. उन्होंने पढ़ाई के अतिरिक्त खेल में भी कई अवार्ड जीते हैं. वे मूलतः इटाढ़ी प्रखंड के खरहना गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता जयनाथ सिंह एयरफोर्स से रिटार्यड हैं. वहीं मां रजनी सिंह गृहणी हैं. फिलवक्त उनका परिवार शहर के इटाढ़ी रोड में रहता है. शोभा की शादी वर्ष 2007 में हुयी. उनके पति तरुण शर्मा एक बिजनेसमैन हैं. उन्हें अर्णव नाम का एक 9 वर्ष का बेटा भी है.

अनाथों की नाथ हैं किरण किरण शोभा बहरहाल नोयडा में रहती हैं. वे एक प्राइवेट कंपनी में डिलीवरी मैनेजर की जॉब भी करती हैं. उन्होंने बताया कि आसपास की बस्ती में गरीब बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री, अनाथालय में पढ़ रहे बच्चों के बीच डोनेशन देती हैं. वे कहती हैं कि बचपन में ही मन में एक सपना था कि शिक्षित होकर आर्थिक स्थिति सुधरेगी तो अनाथों के लिए कुछ करूंगी. किरण अपनी जिद के दम पर कई अनाथों की जिंदगी में उजाला भरने का प्रयास कर रही हैं. इसके लिए उन्हें उनके पिता व पति का ने भरपूर सहयोग दिया है.

बिहार को मान-सम्मान दिलाने का सपना शोभा किरण बताती हैं कि देश के अन्य राज्यों के लोगों के बीच बिहार को लेकर नकारात्मक विचार हैं. उन्हें कई बार इस तरह की परेशानी उठानी पड़ी है. बिहार के नाम पर लोग अजीब व्यवहार करते है. यह सब उन्हें बहुत बुरा लगता है. उनका सपना है कि बिहार कि महिलाओं व युवतियों को सक्षम बनाने के लिए अभियान शुरू करेंगी. जिससे बिहार को लेकर बाहरी लोगों के दिलो दिमाग में बनी छवि बदली जा सके.