Nitish Kumar

चंपारण शताब्दी वर्ष: गांधी के सपनों को साकार करने भितिहरवा पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

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संगीता तिवारी की रिपोर्ट,

मोतिहारी: महात्मा गांधी के पश्चिमी चंपारण की धरती पर कदम रखने के सौ साल बाद चंपारण शताब्दी वर्ष बिहार सरकार मना रही है। बिहार सरकार गांधी के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पश्चिम चंपारण के भितिहरवा आश्रम में महात्मा गांधी द्वारा स्थापित दूसरी पाठशाला (बुनियादी विद्यालय) का कायाकल्प किया गया है।

साथ ही बड़हरवा लखनसेन गांव की पहली पाठशाला, वृंदावन, मधुवन, शेखधुरवा और रानीपुर की पाठशाला का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज भितिहरवा में आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। उनके साथ मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह समेत अन्य विभागों के प्रधान सचिव और डीजीपी भी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री यहां बुनियादी विद्यालय के जीर्णोद्धार भवन का उद्घाटन करेंगे।

1917 के चंपारण सत्याग्रह में गांधी का साथ देनेवाले और गवाही देनेवालों की कहानियों को शिक्षा विभाग ने एक किताब का रूप दिया है। ‘भितिहरवा आश्रम एवं चंपारण आंदोलन में स्त्री-स्वर’ नामक किताब में उन 19 महिलाओं की गवाही को रखा गया है, जिन्होंने चंपारण आंदोलन में महात्मा गांधी का साथ दिया था और अपनी शिकायत दर्ज करायी थी।

समारोह में कला संस्कृति विभाग की ओर से प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी, जिसका निरीक्षण मुख्यमंत्री करेंगे। इसके बाद वह एक सभा को भी संबोधित करेंगे। समारोह में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, कला व संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।

महात्मा गांधी 1917 में जब चंपारण आये थे तो 14 नवंबर को बड़हरवा लखनसेन गांव में पहली पाठशाला खोली थी। इसी तरह भितिहरवा आश्रम में 20 नवंबर को दूसरी और उसके बाद, बृदावन, मधुबन, शेखपुरवा और रानीपुर में भी एक-एक पठाशाला स्थापित की थी। इन स्कूलों में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, सफाई व स्वावलंबन की भी जानकारी दी जाती थी।