Patna Museum

पटना संग्रहालय का 100 वर्ष पूरा होने के अवसर पर तीन दिवसीय समारोह का उद‌्घाटन

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निशांत सुमन,

पटना: पटना संग्रहालय का 100 वर्ष पूरा होने के अवसर पर तीन दिवसीय समारोह का उद‌्घाटन युवा कला संस्कृति विभाग के मंत्री शिवचंद्र राम ने किया. उनके साथ पुरातत्व सलाहकार पद्मश्री एके शर्मा, डॉ. अमरेंद्र नाथ, डॉ. इम्तेयाज अहमद, संजीव कुमार सिंह, डॉ. जया एस पार्थवक, डॉ. विभा त्रिपाठी, डॉ. तारा सिन्हा, उमेश चंद्र द्विवेदी, डॉ. चितरंजन प्रसाद सिन्हा ने दीप जला कर समारोह का उद‌्घाटन किया.
समाहरोह को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव चेतन्य प्रसाद ने कहा की पटना मुजियम को बिहार मुजियम से खतरा नही है. दोनों मुजियम की अलग अलग विशेषता है. साथ ही उन्होंने पटना मुजियम के इतिहास पर चर्चा करते हुए कहा की 90 के दशक में को 25 पैसे का टिकट हुआ करता था. जिस से सिर्फ एलिट क्लास लोग ही मुजियम जा पाते थे बाद में इसे आम लोगो के लिए सुगम बनाया गया.
युवा कला संस्कृति विभाग मंत्री शिवचंद्र राम ने कहा की विधान सभा सत्र के कारण आनन-फानन में समाहरोह को आजोयन किया गया. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा अगर ये समाहरोह भी आयोजित नही जिया जाता तो आप मिडिया वाले हमें परेशान कर देते. लेकिन उन्होंने आगे ये भी कहा की इसी महीने के अंतिम तक एक बड़ा प्रोग्राम का आयोजन किया जायेगा.
जिसमें देश भर से लोगो को बुलाया जायेगा. स्टूडेंट्स और युवा को इतिहास की जानकरी देने के लिए इस प्रोग्राम का आयोजन जरुरी था. पटना आर्ट्स कॉलेज के स्टूडेंट्स के पेंटिंग का किया तारीफ पटना आर्ट्स कॉलेज के स्टूडेंट्स ने पटना संग्रहालय का 100 वर्ष पुरे होने के अवसर पर एक चित्र प्रदर्शनी लगाया था. मंत्री जी एक-एक पेंटिंग को कर कलाकार की तारीफ किया. लेकिन पटना आर्ट्स कॉलेज के दुर्दशा पर पूछे गए सवाल को टालते हुए कहा ये शिक्षा विभाग का मामला है.
उद‌्घाटन समारोह के बाद ‘मैं हूं पटना संग्रहालय’ नामक एकल अभिनय उद‌्घाटन समारोह के बाद नाट्य संस्था फेसेज़ की ओर से ‘मैं हूं पटना संग्रहालय’ नाम से एकल अभिनय पर बुल्लू कुमार ने शानदार प्रस्तुति दिया. लोगो इस अभिनय को जम के सराहा. 4 और 5 अप्रैल को सेमिनार चार अप्रैल को सुबह 10.30 बजे से 12.30 बजे तक सेमिनार का सत्र होगा.
इस सेमिनार में छत्तीसगढ सरकार के पुरातत्व सलाहकार पद्मश्री एके शर्मा समेत डॉ. अमरेंद्र नाथ, डॉ. इम्तेयाज अहमद, संजीव कुमार सिंह, डॉ. जया एस पार्थवक, डॉ. विभा त्रिपाठी, डॉ. तारा सिन्हा, उमेश चंद्र द्विवेदी, डॉ. चितरंजन प्रसाद सिन्हा भाग लेंगे.इसके बाद पटना संग्रहालय और फेसेज़ संस्था के संयुक्त तत्वावधान में पटना संग्रहालय बच्चों की नजर से विषय पर आलेख-वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा.
पांच अप्रैल को प्रथम सत्र में 10.30 बजे से पटना संग्रहालय और त्रिनेत्र आर्ट स्टूडियो के संयुक्त तत्वावधान में हर कलाकृति कुछ कहती है विषय पर लेखन और कविता पाठ किया जायेगा. वहीं दूसरे सत्र में यक्षिणी नाटक का मंचन स्कूल थिएट्रिकल आर्ट और फेसेज़ की ओर से किया जाएगा. इसमें यक्षिणी के इतिहास से जुड़े पहलुओं को कलाकारों के द्वारा पेश किया जाएगा.