Abdul Bari Siddiqui

अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पेश किया बजट, 5000 की आबादी पर खोले जाएंगे बैंक

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बेताब अहमद,

पटना: बिहार का वार्षिक वित्तीय बजट 2017-18 सदन में वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्धिकी ने पेश किया गया. इस बार के बिहार बजट में फिर से एक बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चयों पर फोकस किया है. सिद्धिकी ने कहा कि बजट में विकास, गरीबी उन्मूलन, और वित्तीय स्थायित्व पर जोर दिया गया है.

इस बार फिर से सात निश्चयों पर फोकस किया गया है. महिलाओं के लिया विशेष ध्यान दिया गया है. महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया है. बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार में सामाजिक न्याय के शराबबंदी लागू की गयी है. शराबबंदी में जिस तरह से लोगों की सहभागिता मिली. वह सराहनीय है.

सिद्दिकी ने कहा कि सरकार के एक साल के बजट के बाद ही सात निश्चयों के सरकार के वादों को पूरा करने के लिए काम शुरू कर दिया है. कई योजनाओं को धरातल पर ला दिया गया है. राज्य सरकार ने हथकरघा क्षेत्र के लिए कार्यक्रम शुरु किया गया है. बिहार में बैंकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. हर 5000 की आबादी के गांव में बैंक खोला जाएगा.

इस वर्ष के बजट को आप निम्न बिंदुओं के आधार पर समझ सकते हैं.

1 लाख 60 हजार 085.69 करोड़ का है बजट

नये वित्तिय वर्ष में सुधार पर रहेगा जोर

खाताधारियों को प्लास्टिक मनी देने पर जोर

अभियान चलाकर POS मशीन लगाए गए

नोटबंदी से बिहार की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा

हर वक्त बदलाव की जरूरत होती है

वार्षिक स्कीम के लिए 80 हजार करोड़ से ज्यादा

लोकायुक्त के लिए 5 करोड़ की राशि मंजूर

अनुसूचित जाति-जनजाति पर खासा जोर रहेगा

पिछले बार से 15 हजार करोड़ का ज्यादा का बजट पेश किया गया-

गैर योजना और योजना आकार का अंतर खत्म

2017-18 : राज्य का राजकोषिय घाटा 18 हजार 112 करोड़ के होने का अनुमान है, जो राज्य जीडीपी का 2.87 प्रतिशत

शिक्षा विभाग में 25 हजार 251.39 का बजट प्रावधान किया गया है

स्वास्थ्य में 7 हजार 1 करोड़ का प्रावधान

कल्याण में 9 हजार 439 करोड़ का प्रावधान’

1460 करोड़ रुपया प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में राज्य मद के व्यय के लिए

410.00 करोड़ रुपया पिछड़े वर्ग के छात्राें के छात्रवृति के वजीफे हेतु

सड़क में 16 हजार 153 का प्रावधान

240.00 करोड़ रुपया बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड में निवेश हेतु प्रावधान

600.00 करोड़ रुपया बाढ़ में क्षतिग्रस्त तटबंधों, संरचनाओं, बराजों एवं पुलों की मरम्मति के लिये