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Bihar 12th Result 2017

बिहार बोर्ड के 12वीं के परिणाम ने खोली शिक्षा माफियायों का पोल

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Kirti mala

कीर्ति माला

पटना। इस बार बिहार बोर्ड के इंटर के परिणाम ने बिहार के परिक्षार्थियों को चौंका दिया है। इस बार बिहार बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी में शुरू हुई थीं।

इस वर्ष बिहार सरकार ने परीक्षा में नकल रोकने के लिए कई उपाय किए थे। बोर्ड परीक्षा में छात्रों को नकल से रोकने के लिए वीडियोग्राफी कराई गई थी।

इसके अलावा पहली बार बिहार बोर्ड की इन परीक्षाओं में बार कोडिंग सिस्टम भी शुरू किया गया था। चर्चा ये भी थी कि इस बार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पहली बार कॉपियों का डिजिटल मूल्यांकन कराएगी, कंपार्टमेंट के छात्रों के लिए यह लागू भी किया गया लेकिन शिक्षको के कंप्यूटर में दक्ष न होने और उनकी कमी के कारण भी मूल्यांकन में परेशानियों का सामना करना पड़ा।

नकल पर लगाम लगाते ही असलियत सामने आ गई। इस बार के परीक्षा में मात्र 35% बच्चे ही पास हो पाए है। यह बहुत ही शर्मनाक परिणाम है। इसक मतलब साफ है कि अबतक बच्चे नकल से ही पास होते थे पर थोड़ा सा नकल पर नकेल कसते ही इनकी हेंकरी गुम हो गई। और आधे से भी अधिक बच्चे फेल हो गए।

ये भी बताया जा रहा है कि परिणाम आने के बाद कई बच्चों ने आत्महत्या भी करने की कोशिश की है। और 8 बच्चों की मौत भी हो गई है। यह परिणाम शिक्षा माफियाओं का भी एक बड़ा सबूत बनकर सामने आया है। पिछले साल टॉपर घोटले के मद्देनजर इस बार काफी सावधानी बरती गई थी। जिसका परिणाम हमारे सामने है।

इस परिणाम से बिहार की शिक्षा पर सवाल उठने लगा है। इस विषय पर पक्ष-विपक्ष की भी कैंचिया चलने लगी है। तमाम तरह की दावा करने वाली नीतिश सरकार पर सवालिया निशान लगने लगे है। अब देखना ये है कि शिक्षा मंत्री अशोक कुमार और नीतिश सरकार बिहार की शिक्षा व्यस्था को किस हद तक सुदृढ़ कर पाएंगें क्योंकि इस परिणाम ने तो शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। यह बहुत ही शर्मनाक परिणाम है। अब तो सरकार को इस विषय पर जवाब देना ही होगा।