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आइएएस दीपक आनंद

युवा आइएएस ने अपने छोटे से कार्यकाल में अर्जित कर ली 1300% अधिक की संपत्ति

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Pankaj Pandey

पंकज पाण्डेय

पटना। दस वर्ष के कार्यकाल में आय से 1300 प्रतिशत से अधिक की काली कमाई करने वाले युवा आइएएस दीपक आनंद के  विभिन्न ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई  ने छापा मारकर 1 करोड़ 55 लाख से अधिक की काली कमाई का पता लगाया। पटना, सीतामढ़ी और कटिहार के उनसे जुड़े जगहों पर देर रात तक छापेमारी जारी रही।

2007 बैच के आइएएस दीपक आंनद ने  बतौर आइएएस 2008 में बेतिया के अनुमण्डलाधिकारी अपने करियर की शुरुआत करने वाले दीपक आनन्द बांका और समस्तीपुर में जिलाधिकारी के रूप में भी कार्यरत रहे।

आइएएस अधिकारी दीपक आनंद तब सुर्खियों में आए थे, जब सारण के डोरीगंज से बालू के उठाव में उनकी बालू माफिया के साथ सांठगांठ की खबरें सामने आई थी। तब डोरीगंज से बालू का उठाव बिना ई-चालान के ही हो रही थी। इसमें सारण के तत्कालीन एसपी भी जांच के घेरे में आ गए। फिलहाल इस मामले की निगरानी जांच चल रही है।

विशेष निगरानी इकाई के आइजी रत्न संजय कटियार ने कहा कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया गया है। विशेष निगरानी इकाई की टीम सबसे पहले पटना के सर्किट हाउस पहुंची जहां वह इन दिनों रह रहे थे।  यहां उनके कमरे की तलाशी ली गई तो 25 लाख रुपये के किसान विकास पत्र, 27 लाख, 50 हजार रुपये के पोस्टल डिपोजिट से संबंधित कागजात और 25 लाख रुपये के स्वर्णाभूषण की खरीद की रसीद मिली है।

एसवीयू के सूत्रों की मानें तो अभी दीपक आनंद के कई ठिकानों पर छापेमारी का काम अभी शुरू नहीं हो पाया है। मूलरूप से वह सीतामढ़ी के रहने वाले हैं। एसवीयू की एक टीम सीतामढ़ी में छानबीन कर रही। कटिहार में उनकी पत्नी एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही हैं। एसवीयू ने उनकी पत्नी के हॉस्टल के कमरे को भी सील कर दिया है।

वर्ष 2007 से लेकर अबतक उनके द्वारा अर्जित की गई संपत्ति का जब एसवीयू ने हिसाब लगाया तो पाया कि इस अवधि में उन्होंने अपनी कमाई से 11 लाख, 76 हजार का बचत किया होगा, लेकिन उनके पास से अभी कमरे से ही एसवीयू को एक करोड़, 66 लाख, 86 हजार की चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज मिल गए। अनुमान है कि इनमें से एक करोड़, 55 लाख, 10 हजार रुपये काली कमाई का अनुमान है। उनके खिलाफ डीए केस दर्ज कर लिया गया है।  कमाई से 1300 प्रतिशत अधिक काली कमाई उन्होंने जुटाई है।

ज्ञात हो कि बालू माफिया से सांठगांठ के आरोप में छपरा के डीएम के पद से हटाए गए दीपक आनंद इन दिनों पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे और  पटना के सर्किट हाउस के एक कमरे में रह रहे थे।