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toilet scam in bihar

बैंक में शौचालय नहीं रहने से महिलाकर्मी को जाना पड़ता है खुले में

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Pankaj Pandey

पंकज पाण्डेय

पटना। खुले में शौच रोकने के लिए सरकार रोज-ब-रोज कुछ- न-कुछ घोषणाएं कर रही है। सरकार की इन घोषणाओं की पोल खोलती एक तस्वीर यह भी है।

उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की 70 शाखाओं की दो दर्जन से अधिक महिला अधिकारी व कर्मचरियों को शौचालय की सुविधा नहीं है। इसके कारण उनको गांव के किसी दूसरे जगह या खुले में जंगलों में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। ये पास के ग्रामीणों के घर में भी जा रही है। ब्रांच से काफी समय तक इनके बाहर रहने से बैंक में उस समय उपस्थित ग्राहकों को परेशानी होती है। इससे हमेशा हंगामे की स्थिति बनी रहती है।

इस बारे में बैंक का ऑफिसर व इम्पलाइज कांग्रेस ने चेयरमैन से मांग की है। ओडीएफ के लिए चल रही योजनाओं की पोल भी खोली गयी है। दस से अधिक मांगों से संबंधित ज्ञापन में इन दोनों एसोसिएशनों ने महिला कर्मियों की शौचालय संबंधी समस्या को प्रमुखता से उठाया है। 

सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर,पश्चिमी चंपारण, अररिया, मधेपुरा,सीवान, सारण में ज्यादा समस्या है। ऑफिसर कांग्रेस के महामंत्री अरुण कुमार सिंह, इम्पलाइज कांग्रेस के महामंत्री एएम सोज ने बताया कि कई मांग पर बैंक प्रबंधन से वार्ता होनी है।

मांग पत्र विधिवत दिया गया है। इसमें महिला कर्मियों व ब्रांचों में शौचालय की सुविधा, दो स्नातक वेतन वृद्धि का एरियर का भुगतान करने, दस सालों में बैंक कर्मियों की हत्या का अपने स्तर से पुलिस से जानकारी लेने से जैसी प्रमुख मांगे शामिल है।