Manu Maharaj

72 वर्षीय अनंत बरार को मनु महाराज ने दिल्ली में दबोचा

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निशांत सुमन,

पटना: BSSC पेपर लीक घोटाले की जांच कर रही पटना पुलिस की SIT को आयोग के इवैल्यूएटर अनंत बरार को SIT ने रिमांड पर ले लिया है. आज SIT बरार को बेउर जेल से ले गई है. जहां उससे अगले 48 घंटे तक पूछताछ की जाएगी.

आपको बता दें कि निगरानी कोर्ट में दायर की गई SIT की अर्जी पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को कोर्ट ने बरार को दो दिनों पर रिमांड पर लेने की स्वीकृति दे दी थी. मगर SIT ने बरार को रिमांड पर नहीं लिया था. बरार खोल सकता है नए राज अब जबकि एक बार फिर से SIT अनंत बरार को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरु करेगी तो ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बरार मामले में नए राज खोलेगा. कुछ नए लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं.

बरार से मुख्य रूप से इस बात के लिए पूछताछ होगी कि किस तरह प्रिटिंग प्रेस में प्रश्नपत्र और फिर OMR शीट बनाने का ठेका दिया गया. क्योंकि, BSSC के नियमावली के मुताबिक जहां प्रश्नपत्रों की छपाई होनी है और जहां OMR शीट तैयार होने हैं, इन दोनों जानकारियों का पता किसी एक व्यक्ति के पास नहीं हो सकती है.

जबकि, पुलिस की जांच में ये पहले से पाया गया है कि बरार के कहने पर प्रिटिंग प्रेस का ठेका अहमदाबाद के विनीत को दिया गया था, जबकि इवैल्यूएटर होने के नाते OMR शीट की जानकारी बरार को पहले से थी. आपको बता दें कि अनंत बरार को SIT ने नई दिल्ली के एम्स के पास से पिछले हफ्ते ही गिरफ्तार किया था. इसके बाद बरार को ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया गया.

पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर भी बरार से गहन से पूछताछ की थी, जिसमें उसने आयोेग के ओएसडी IAS सी के अनिल से नई दिल्ली में मिलने की बात स्वीकारी थी. हालांकि, बाद में बरार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया. परमेश्वर से पूछताछ और SIT की जांच में आया था अनंत बरार का नाम BSSC के इवैल्यूएटर अनंत बरार का नाम पहली बार तब आया था जब SIT ने पूर्व सचिव परमेश्वर राम को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की थी. परमेश्वर राम अपने पास आयी सारी पैरवियों को आऩंत बरार तक पहुंचा देते थे.

इस तरह इस कड़ी में अनंत बरार का नाम जुड़ने के बाद जब पुलिस ने उनकी तलाश शुरु की तो वे फरार हो गए. अनंत की गिरफ्तारी के लिए अरेस्ट वारंट भी जारी किया था. बाद में पुलिस ने इनके खिलाफ कुर्की जब्ती की प्रक्रिया शुरु करने के लिए कोर्ट में आवेदन दायर किया था.