उत्तर लिखने की जगह छात्र ने कॉपी पर लिखा- किताब नहीं है जी!

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Pankaj Pandey

पंकज पाण्डेय

पटना। बिहार में शिक्षा की दुर्दशा को दर्शाता परीक्षा का एक कॉपी सोशल साइट पर वायरल हो रहा है। जिसमें बच्चें ने मूल्यांकन परीक्षा में उत्तर देने की जगह लिखा है- किताब नहीं है जी।

सत्र 2017-18 में कक्षा एक से आठवें वर्ग में पढ़ने वाले छात्रों को बिना किताब दिए ही सरकार ने 6 से 11 अक्टूबर तक छमाही परीक्षा का आयोजन किया। बच्चों के मूल्यांकन के लिए ली गई छमाही परीक्षा का मूल्यांकन कार्य 30 अक्टूबर से शुरू हो गया है। इसी मूल्यांकन के दौरान संस्कृत की एक कॉपी में बच्चे ने वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर तो दिया, पर जब लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के जवाब देने की बारी आई तो उसने उत्तर की जगह लिखा-किताब नहीं है जी।

बिहार अपने आप मे एक अजूबा राज्य बन गया है जहाँ बच्चों को बिना किताब उपलब्ध करवाये ही बच्चों का मूल्यांकन के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया। सबसे बड़ी त्रासदी तो यह है कि स्कूल में किताब निशुल्क उपलब्ध करवाए जाने की वजह से किताब बुक स्टोर में भी नहीं बिकती है। जिस वजह से बच्चे पूरी तरह सरकार पर आश्रित है।


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