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चारा घोटाला मामले में लालू पर ‘सुप्रीम कोर्ट’ सुनवाई

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बेताब अहमद,

पटना। चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद के खिलाफ सीबीआई याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. सीबीआई ने झारखंड हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. 85 लाख रुपये के घोटाले में सीबीआई ने मामला दर्ज किया था.

दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट ने नवंबर 2014 में लालू को राहत देते हुए उन पर लगे घोटाले की साजिश रचने के आरोप हटा दिए थे. हाईकोर्ट ने फैसले में कहा था कि एक ही अपराध के लिए किसी व्यक्ति को दो बार सजा नहीं दी जा सकती है. झारखंड उच्च न्यायालय ने नवंबर 2014 में यादव को राहत देते हुए अपने फैसले में कहा था कि एक ही अपराध के लिए किसी व्यक्ति को दो बार सजा नहीं दी जा सकती. हालांकि फैसले में यह भी कहा गया था कि यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की दो अन्य धाराओं के तहत मुकदमा जारी रहेगा.

बताते चलें कि सीबीआई ने राजद प्रमुख के खिलाफ आरोप हटाने को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी, जिसकी सुनवाई के दौरान यादव की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने दलील दी कि सीबीआई ने झूठी अर्जी दाखिल की है और उसने तथ्यों को छुपाया है. जेठमलानी ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने में हुई देरी पर भी सवाल खड़े किये थे. उन्होंन दलील दी कि पहले यह तय होना चाहिए कि सीबीआई की याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं. करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले के केस में लालू प्रसाद यादव के अलावा बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र, जेडीयू सांसद जगदीश शर्मा समेत 45 आरोपी हैं. सभी पर चाईबासा कोषागार से 37.7 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का आरोप है.

आपको बता दें कि इसी कसमे एक अन्य आरोपी जगन्नाथ मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा इस मामले पर बुधवार को सुनवाई स्थगित करवाना चाहते थे क्योंकि उन्होंने सीबीआई द्वारा दायर याचिका पर कोई जवाब पेश नहीं किया था. इस पर कोर्ट ने उनकी खिंचाई की. कोर्ट ने साफ कहा कि आप चार हफ्ते में अपना जवाब पेश करें. इसके बाद आपको जवाब पेश करने का मौका नहीं दिया जाएगा.