Suicide

31 दिसंबर तक अगर न्याय नहीं मिला तो…1 जनवरी को पूरे परिवार जहर खाकर करेंगे आत्महत्या

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Santosh Raj

संतोष राज

समस्तीपुर (हसनपुर)। हसनपुर थाना क्षेत्र के देवधा गांव के रामपदारथ ठाकुर सुशासन बाबू के राज्य में न्याय के लिए भटक रहे हैं। लेकिन इनकी बात कोई साहब सुनने को तैयार नहीं है।

ज्ञात हो की बिहार सरकार द्वारा 5 अप्रैल 2016 को पूरे बिहार में शराब बंद कर दिया गया। साथ ही एक कठोर काननू भी बना दिया गया।

मामला कुछ यूं हुआ…रामपदारथ के पुत्र बीते 5 मई 2016 को गांव में हुए उत्पाद विभाग की कार्रवाई में जब्त की गयी शराब की जब्ती सूची में गवाह बन कर हस्ताक्षर बना दिया था।

rampadarath thakur

रामपदारथ ठाकुर

एक ग्रामीण के घर में छिपाकर रखी गयी शराब के मामले में गवाह बनने से नाराज शराब कारोबारी व उसके पुत्र ने मारपीट कर उसे सपरिवार को घर से निकाल दिया था। उसे पकड़े गये शराब की भरपाई के एवज में 15 लाख रुपये रंगदारी देने के बाद ही गांव वापस लौटने की धमकी दी। न्याय व घर वापसी के लिए कई बार हसनपुर थानाध्यक्ष, समस्तीपुर एसपी, रोसड़ा डीएसपी, मानवाधिकार आयोग से लेकर मुख्यमंत्री तक को आवेदन देकर गुहार लगायी थी।

उसके बाद विगत 8 दिसंबर को आमरण अनशन पर सहपरिवार समस्तीपुर में बैठे थे? उस समय आधकारी न्याय दिलाने का भरोसा दिला कर अनशन को तोड़वा दिये। उसके बाद भी रामपदारथ ठाकुर शराब माफिया फोन पर 15 लाख का रंगदारी मांग रहे हैं।

इस बात को भी अधिकारी को सूचना दिए फिर भी न्याय नहीं मिला। लास्ट में थक हार के आधकारी को एक आवेदन लिखे हैं। अगर 31 दिसंबर तक मुझे न्याय नहीं मिला तो 1 जनवरी 18 को पूरे परिवार सड़क पर जहर खा कर आत्महत्या कर लेंगे। 

क्या कहते हैं अधिकारी…

इस मामले की जानकारी मिली है। उक्त कारोबारी जेल भी गया था। वैसे मामले की जांच करवा कर दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी। (अजीत कुमार, डीएसपी, रोसड़ा)।