BREAKING NEWS
Search
web world

अखबारों और टीवी चैनलों के अस्तित्व को पल-पल विकसित होते वेब पोर्टलों से गंभीर खतरा: एसोचैम

402

विडंबना यह है कि सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और झूठ भी बड़े पैमाने पर प्रसारित हो रहे हैं…

Shabab Khan

शबाब ख़ान

बिज़नेस डेस्क: सोशल मीडिया और वेब वर्ल्ड में दखल रखनें वालों के लिए अच्छी खबर है।

देश के व्यवासाय और उनकी प्रगति पर नजर रखनें वाली सरकारी एजेंसी एसोचैम नें एक सर्वे के आधार पर रिपोर्ट प्रकाशित की जिसमें बताया गया कि देश की जनता जानकारी और समाचारों के लिए बहुत तेजी से अखबारों और टीवी चैनल को छोड़कर वेब पर उपल्बध न्यूज़ और जानकारी की ओर आकर्षित होती जा रही है।

एसोचैम ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरु में 235 परिवारों पर किए गए सर्वेक्षण में कई दिलचस्प तथ्य एकत्रित किए हैं। एजेंसी के अनुसार तकरीबन 80 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि सुबह की चाय के साथ अखबार पढ़ने में भारी बदलाव हुआ है। जहां 50 साल से अधिक उम्र के पुरुष अब भी अखबार पढ़ते हैं, वहीं परिवार के युवा सदस्य विभिन्न सोशल साइटों पर जुटे रहते हैं, जहां उनकी रुचि से संबंधित जानकारियों और खबरों का अथाह भंडार है।

एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने कहा, “विडंबना यह है कि सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और झूठ भी बड़े पैमाने पर प्रसारित हो रहे हैं। हालांकि जैसे-जैसे नई मीडिया परिपक्वता की तरफ विकसित होगी, उम्मीद है कि यूजर्स भी इंटरनेट से जानकारी हासिल करने के मामले में ज्यादा समझदार बनेंगे.”

फिलहाल 6.2 करोड़ अखबार छप रहे हैं और टीवी देखने वालों की संख्या भी 78 करोड़ के आस-पास है। लेकिन बहुत सारा ट्रैफिक खासकर टीवी देखने वाले दर्शकों का स्मार्टफोन, टैब की तरफ जा रहा है, जहां नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, अमेजॉन और न्यूज़ पोर्टल जैसे कई विकल्प हैं जो युवाओं को खासतौर से लुभा रहे हैं। फेसबुक इसमें सबसे आगे रहने का दावा करता है और भारत में उसके कुल 20 करोड़ यूजर्स हैं, जो फेसबुक के कुल यूजर्स का दसवां हिस्सा है। पूरी दुनिया में फेसबुक के 2 अरब यूजर्स हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अभी इंटरनेट की पहुंच महज 40-45 फीसदी आबादी तक ही है। वहीं, टीवी की पहुंच 90 फीसदी आबादी तक है। लेकिन सरकार डिजिटल इंडिया अभियान चला रही है और भारत नेट के तहत गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचाने में जुटी है। इससे सोशल मीडिया का और विस्तार होगा तथा लोगों का खबरों, विचारों आदि तक पहुंचने का जायका बदलेगा।

एसोचैम ने कहा, “इसके साथ ही विपणन रणनीतियों को भी बदलना होगा और डिजिटल विज्ञापन और विपणन पर जोर देना होगा। इस माध्यम में आगे बहुत विकास होने वाला है और इसमें विज्ञापनों को सीधे लक्ष्य तक पहुंचाने की सुविधा है। “इंटरनेट प्लेटफॉर्म की महत्ता और पहुंच को देखते हुए ज्यादा अखबार डिजिटल हो चुके हैं और सोशल मीडिया पर लेख और समाचार प्रसारित कर रहे हैं।”

कुल मिलाकर देखा जाए तो विश्वभर में पल-पल होने वाली घटनाएं, उपल्बधियां, राजनीतिक उठा-पटक, पठन-पाठन की जानकारियॉ, करियर के विकल्प आदि केवल वेब पर मौजूद न्यूज़ पोर्टल दे सकते है, जो आप तक तुरन्त पहुँच जाती हैं, जबकि अखबारों में आने वाली खबरें वेब यूजर्स के लिए बासी हो चुकी होती हैं।

[email protected]

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करेंट्विटर पर फॉलो करें।