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रोयाना सिंह

वाराणसी: बीएचयू चीफ प्रॉक्टर सहित 14 के खिलाफ कोर्ट ने किया मामला दर्ज

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बीएचयू की कथित जमीन खाली कराने गई थी रायना सिंह, हुआ था वादी से विवाद…

Tabish Ahmed

ताबिश अहमद

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर रायना सिंह ने जब से चीफ प्रॉक्टर पद संभाला है तब से विवादो से उनका चोली-दामन का साथ हो गया। ताजा मामले में रायना सिंह समेत चार नामजद व 10 अज्ञात सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) की अदालत में जानलेवा हमला करने, लूटपाट करने व अगवा करने के संबंध में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है।

कोर्ट ने प्रार्थनापत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश देते हुए परिवादी के बयान के लिए 31 मार्च की तिथि नियत कर दी।

लंका के तुलसीदास कॉलोनी (नरिया) निवासी आशीष कुमार सिंह ने अपने अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी के जरिये अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। इस मामले में लंका थाने व उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बाद भी जब कोई करवाई न हुई तो परिवादी ने अदालत की शरण ली थी।

प्रार्थना पत्र के मुताबिक प्रार्थी बीएचयू परिसर से सटी भूमि पर दुकान लगाकर भूसा व पशुचारा का व्यवसाय करता है और उसी भूमि पर आवासीय रूप में लगभग 100 वर्षो से रहता चला आ रहा है। आरोप है कि बीते 7 मार्च को सुबह 9 बजे बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर रायना सिंह, बीएचयू संपदा विभाग के अधिकारी लालबाबू पटेल, सुरक्षाकर्मी सुनील सिंह व विनोद सिंह के साथ 10 अज्ञात सुरक्षाकर्मी दो व चार पहिया वाहन से पहुंचे और परिवादी को गालियां देते हुए उक्त स्थान को बीएचयू की संपत्ति बताते हुए जगह खाली करने को कहने लगे।

आरोप है कि जब परिवादी ने चीफ प्रॉक्टर को कोर्ट का स्थगन आदेश दिखाया तो चीफ प्रॉक्टर रायना सिंह ने कोर्ट के आदेश को फाड़ दिया। उसके बाद उनके साथ आये लोगों ने जान से मारने की नीयत से परिवादी के सिर पर डंडे मारने लगे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके बाद वे लोग परिवादी को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर अगवाकर उठा ले गए।

बाद में जब आसपास के लोगों के साथ उसके परिवार के लोग चीफ प्रॉक्टर रायना सिंह के यहां पहुंचे तो पहले तो उन्होंने परिवादी को अगवा कर लाने की बात से इनकार किया, लेकिन जब लोग दबाव बनाने लगे तो परिवादी को घटना के बारे में किसी को न बताने की हिदायत देते हुए छोड़ा।

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