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तीन दिनों से घर से लापता अाज जंगल में मिले बेहोशी के हालत में

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Rohit Kumar Mishra

रोहित कुमार मिश्रा

चाईबासा (जगन्नाथपुर)। जाको रखे साईंया, मार सके न कोई। यह कहावत हरिश बोबोंगा के साथ अक्षरश चरितार्थ हो रही है। ख़बर के मुताबिक बड़ापासेया निवासी हरिश बोबोंगा (23) दो दिनों बाद बेहोशी की हालत में गितिकेंदू के चलपागढ़ा जंगल से बरामद किया गया। वे दो दिनों तक बेहोशी की हालत में जंगल में पड़े रहे।

सोमवार की जंगल से बेहोशी की हालत में ही ग्रामीण मुंडा तुरी बोबोंगा की मौजूदगी में ग्रामीणों ने उठाकर जगन्नाथपुर सामुदाय अस्पताल लाया गया। जहाँ उसके बेहतर ईलाज हेतु चाईबासा सदर अास्पताल भेजा गया। ज्ञात हो कि हरिश लगभग तीन दिनों से वह बेहोशी की हालत में है। उनके सिर, चेहरे, गर्दन और हाथ पैरों में घाव के जख्म दिख रहे हैं।

जगन्नाथपुर अस्पताल कर्मी ऐबुलेंस के लिए अाना- किची कर रहे थें। जिसपर समाजसेवी नन्हें खान की मदद से हरिश को जगन्नाथपुर अस्पताल से ऐबलेंस को लेकर बहास की तब जाकर एम्बूलेंस से चाईबासा भेजा गया।

वहीं घटना के संबंध में पीडित के बडे भाई जगदीश बोबोंगा ने बताया कि हरिश उनके साथ गुवा में काम करते थे। शुक्रवार को दोनों भाई गांव के लिए निकले थे। तभी हरिश अपने बहन के ससुराल गितिकेंदू में रह गया और बड़े भाई जगदीश घर बड़ापसेया अा गया। शनिवार की सुबह शाम गांव घर करीब 10 मिनट के लिए आये और घर से 15 सौ रूपये लेकर मुर्गा पाड़ा बाजी खेलने निकल गया।

उसी दिन से ही हरिश लापता हो गया और 2 दिन बाद बेहोशी की हालत में गितिकेंदू जंगल में मिला। उनके भाई ने बताया कि कहा कि अज्ञात लोगों ने मेरे भाई की पिटायी कर जंगल में मरा हुआ समझकर फेंक दिया होगा। वहीं सूचना मिलते है अस्पताल में जेटेया थाना के एएसआई जयराम मिश्रा ने हरिश की स्थिति को देखते हुए उसे अस्पताल भेजवाया। वहीं खबर लिखे जाने तक हरिश के होश नहीं आने के चलते फर्द बयान और प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सका है।