Pratap singh bajwa and Captain Amarindra Singh

पंजाब कांग्रेस में घमासान, बाजवा की अमरिंदर के खिलाफ खुली बगावत, मंत्रियों ने कहा- कांग्रेस से निकालो

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New Delhi: एक बार फिर से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। प्रताप बाजवा के सभी विधायकों और हाईकमान से कैप्टन से पिंड छुडऩे संबंधी लगे बयान को लेकर पूरी कैबिनेट कैप्टन अमरिंदर सिंह के पक्ष में उतर आई है। कैबिनेट में मंत्रियों के बीच हुई अनौपचारिक बातचीत में सभी ने एक आवाज में बाजवा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की मांग की गई है।

बाजवा का पलटवार, ऐसी गीदड़ भभकियों से डरने वाला नहीं

मंत्रियों ने आरोप लगाया कि कैप्टन के खिलाफ बगावत करने का बाजवा ने सार्वजनिक प्लेटफार्म प्रयोग किया है। मंत्रियों और पार्टी के सीनियर नेताओं ने कहा कि अगर बाजवा को किसी बात से परेशानी है तो वह पार्टी प्लेटफार्म पर अपनी बात रखें लेकिन वह कैप्टन अमरिंदर सिंह की सार्वजनिक मंचों से आलोचना कर रहे हैं। मंत्रियों ने कहा कि सांसद बाजवा अब अपनी आलोचना में इस हद तक जा चुके हैं कि उन्होंने पंजाब सरकार के नेतृत्व को चुनौती देनी शुरू कर दी है। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी बनती है।

मंत्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि बाजवा शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के हाथों में खेल रहे हैं और वह भी उस समय जब राज्य में विपक्ष पूरी तरह से मुद्दाविहीन है और कांग्रेस को इन से कोई चुनौती नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह बगावत के पर अगर शुरू में ही न कुतरे गए तो इसका पार्टी में बहुत गलत संदेश जाएगा। मंत्रियों ने कहा कि कांग्रेस सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है जहां हर सदस्य को पार्टी प्लेटफार्म पर अपना विचार व्यक्त करने का अधिकार है पर इस तरह का व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि बाजवा जैसे नेताओं का इस तरह व्यवहार पार्टी को कमजोर बना देगा। चरनजीत चन्नी ने कहा कि कोई कुछ भी बोल दे, हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। ब्रहम मोहिंदरा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा कि वह इस मामले में पार्टी हाई कमान से बात करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी बात पर किसी को ऐतराज है तो वह अपनी बात पार्टी प्लेटफार्म पर रखे।

वित्‍तमंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि इतिहास गवाह है कि असंतोष ने हमेशा कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है। जब हम एक साथ थे तो हमने पंजाब में कई सीटें जीतें। उन्होंने कहा कि एकता किसी भी कीमत पर खंडित नहीं होनी चाहिए। ओम प्रकाश सोनी, साधू सिंह धर्मसोत और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने भी बाजवा के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने को कहा।

बाजवा बोले- मैं लोगों  जवाबदेह

उधर, कैबिनेट द्वारा उन्हें पार्टी से निकालने के जवाब में प्रताव सिंह बाजवा ने कहा कि मेरी जवाबदेही पंजाब के लोगों के प्रति है। मुझे इस तरह की धमकियों से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह मेरे आरोपों का जवाब देने की हिम्मत तो जुटा नहीं सके अलबत्ता उन्हें अपने मंत्रियों की शरण का सहारा लेना पड़ रहा है। मैं कैप्टन सिंह को अपने मुद्दों पर बहस की खुली चुनौती देता हूं और लोगों को इसका फैसला करने दें।

यह कहा था बाजवा ने ?

प्रताप सिंह बाजवा ने कैप्टन से वादे पूरे करने को कहा। साथ ही कहा उन्होंने विधायकों और पार्टी हाईकमान से कहा कि वह ऐसे मुख्यमंत्री को हटाएं जो काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जितने वादे किए थे उन्हें पूरा करने में तो उन्हें एक हजार साल लगेंगे।