Delhi pollution

पाकिस्तान में चक्रवाती हलचल से दिल्ली-NCR गैस चैंबर में तब्दील, 2 दिन रहेगी ‘हेल्थ इमरजेंसी’

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 Delhi Pollution 2019 Report: दिवाली के बाद दूसरी बार दिल्ली-एनसीआर की हवा न केवल बेहद जहरीली हो गई है, बल्कि हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोक्ष के चलते दिल्ली एक बार फिर गैस चैंबर के रूप में बदल गई है। लगातार दो दिन तक ऐसे ही हालात बने रहेंगे, शुक्रवार को राहत मिलने की उम्मीद है, जब हवा की रफ्तार तेज होगी।

Delhi Pollution 2019 Report LIVE:

  • इससे पहले बुधवार और बृहस्पतिवार को दिल्ली-एनसीआर में हवा बेहद जहरीली रहेगी। दरअसल, उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर में चक्रवाती हलचल ने दिल्ली-एनसीआर का मौसम प्रभावित किया है।
  • वहीं, IMD के मुताबिक, चक्रवाती हलचल के बीच दिल्ली-एनसीआर के आसमान में बादल तो छाए रहेंगे, लेकिन बारिश नहीं होगी।
  • जानकारों की मानें तो पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के चलते दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
  • वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) के मुताबिक, दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 400 के पार है।
  • विशेषज्ञों के मुताबिक, 3 नवंबर के बाद एक बार फिर राजधानी दिल्ली और एनसीआर की हवा लगातार खराब होती जा रही है। हालात हेल्थ इमरजेंसी जैसे बन गए हैं।
  • हरियाणा का हिसार शहर देश का सबसे प्रदूषण शहर तो दिल्ली से सटा नोएडा और गाजियाबाद शहर दूसरे स्थान पर है।
  • नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (New Delhi Municipal Council) ने वायु प्रदूषण पर काबू पाने की कड़ी में फिरोजशाह रोड पर लगे पेड़ों पर जमी धूल को हटाने के लिए पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है।
  1. हरियाणा के सोनीपत में एयर क्वालिटी इंडेक्स 309 तो पीएम 2.5 का स्तर 354 तो पीएम 10 का स्तर 270 है। दिल्ली की तुलना में यहां पर राहत है, लेकिन हालात फिर भी खराब ही हैं।
  2. हरियाणा के रेवाड़ी जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक 423 तो इससे सटे लगते भिवाड़ी में 442 तक पहुंच गया है। इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत पेश आ रही है। हालात सामान्य होने में एक दो दिन का समय लगेगा।
  3. दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम के साथ रेवाड़ी तक में एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) खराब स्तर पर पहुंच गया है। लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में जलन भी हो रही है।
  4. बुधवार को दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में वायु प्रदूषण से बुरा हाल है। बुधवार सुबह 9 बजे पीएम 2.5 का स्तर 448 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया है। इसे बेहद खतरनाक माना जाता है।

      आरके पुरम, दिल्ली : 447 (AQI)

      नोएडा, उत्तर प्रदेश : 472 (AQI)

ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश : 458 (AQI)

इससे पहले कुछ दिनों की आंशिक राहत के बाद दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को वायु प्रदूषण फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया। पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्र में भी इजाफा हुआ। हवा में पराली के धुएं की मात्र बढ़ने से एयर इंडेक्स 400 पार यानी गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। पराली के धुएं के साथ हवा की बदली दिशा और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजधानी फिर गैस चैंबर बन गई है। नवंबर में दूसरी बार इस तरह इमरजेंसी वाले हालात बने हैं। दो दिन बाद हवा की रफ्तार बढ़ने के बाद ही राहत मिल सकती है।

दिल्ली के एयर इंडेक्स में मंगलवार को 65 अंकों की वृद्धि हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 360 था जो मंगलवार को 425 पहुंच गया। इसे गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। शाम चार बजे हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 की मात्र 464 और पीएम 2.5 की मात्र 317 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। मानकों के अनुसार, हवा में पीएम 10 कणों की मात्र 100 और पीएम 2.5 कणों की मात्र 60 से नीचे रहनी चाहिए।

पानीपत रहा देश का सबसे प्रदूषित शहर

देश का सबसे प्रदूषित जिला हरियाणा का पानीपत रहा, जहां एयर इंडेक्स 458 था। वहीं, पृथ्वी विज्ञान मंत्रलय की वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था सफर के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 467 रहा। सफर के अनुसार सोमवार को हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने के 740 मामले सामने आए। इनकी संख्या भले कम है, लेकिन हवाओं की दिशा की वजह से पराली का धुआं आसानी से दिल्ली आ रहा है। मंगलवार को पराली के धुएं ने राजधानी को 25 फीसद तक प्रदूषित किया, जबकि बुधवार को 22 फीसद तक प्रदूषित करेगा।

पराली के धुएं व स्थानीय स्नोतों से होने वाले प्रदूषण के चलते एनसीआर के आसमान पर स्मॉग की परत छाई हुई है। इस कारण दिन में दृश्यता भी प्रभावित हुई। 15 नवंबर से स्थिति में थोड़ा सुधार आने की संभावना है। सीपीसीबी के अनुसार, इस समय लोगों को घर से बाहर नहीं रहना चाहिए।