Coronavirus patient

चीन में 1500 के करीब पहुंचा मौत का आंकड़ा, 64,627 लोग संक्रमित

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New Delhi: चीन में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार तक यहां वायरस से मरने वालों की संख्या 1486 तक पहुंच गई। चीन के हुबेई प्रांत में गुरुवार को 116 लोगों की मौत हुई। चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। चीन में अबतक इस वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों का आंकड़ा 64,627 पहुंच गया है।

वायरस से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ा

चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 1483 तक पहुंच गया है। यहां गुरुवार को वायरस के प्रकोप से हुबेई प्रांत में 116 नई मौतें हुईं। प्रांतीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि हार्ड-हिट प्रांत ने गुरुवार को 4,823 नए पुष्टि मामलों की सूचना दी।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, नए मामलों में 3,095 चिकित्सकीय निदान शामिल हैं, जिनकी पुष्टि की गई है।रिपोर्ट में कहा गया है कि नवीनतम रिपोर्ट से प्रांत में कुल पुष्टि के मामले 51,986 हो गए हैं। नए मामलों ने देश में संक्रमण की संख्या को 64,627 कर दिया है। हालांकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने अभी तक राष्ट्रव्यापी आंकड़ों की घोषणा नहीं की है।

चीन में वायरस से एक दिन में रिकॉर्ड मौतें

चीन में कोरोना वायरस से एक दिन में रिकॉर्ड 254 मौतें हुईं। इस तरह इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 1367 पहुंच गई है। संक्रमित लोगों का आंकड़ा 60 हजार के करीब पहुंच गया है। चीन के वुहान शहर में 31 दिसंबर को कोरोना वायरस से पीड़ित पहला मरीज सामने आया था। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बुधवार को सबसे ज्यादा 242 मौतें अकेले हुबेई प्रांत में हुईं जबकि 12 अन्य की मौत चीन के दूसरे प्रांतों में हुई। करीब 15 हजार नए मामले भी सामने आए हैं। संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 59,804 हो गई है। हुबेई की राजधानी वुहान से पूरे चीन समेत दुनिया के लगभग 30 देशों में यह वायरस फैला है। छह करोड़ की आबादी वाले हुबई में पिछले करीब तीन हफ्ते से आवाजाही ठप है।

भारतीय और पाकिस्तानी छात्रों ने लगाई गुहार

वुहान में रह गए भारतीय और पाकिस्तानी छात्र सहमे हुए हैं। उन्होंने अपने-अपने देश की सरकारों से वुहान से निकाले जाने के लिए गुहार लगाई है। भारत वुहान से पहले ही अपने 647 नागरिकों को निकाल चुका है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि करीब 100 भारतीय अब भी बचे हो सकते हैं। जबकि हुबेई में करीब एक हजार पाकिस्तानी छात्र बताए जा रहे हैं। हालांकि अपने नागरिकों को नहीं निकालने के चलते पाकिस्तान सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।