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supreme court on hyderbad encounter

सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा, याचिका में स्वतंत्र जांच और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

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New Delhi: तेलंगाना में वेटरनरी डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के 4 आरोपियों के एनकाउंटर को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता ने एनकाउंटर की स्वतंत्र जांच, इसमें शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर और कार्रवाई की मांग की है। याचिकाकर्ता एडवोकेट जीएस मणि और प्रदीप कुमार यादव ने कहा है कि इस मामले में पुलिस ने 2014 की सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं किया।

जांच के लिए एसआईटी गठित, 13 दिसंबर तक शव सुरक्षित रहेंगे
दूसरी ओर, तेलंगाना हाईकाेर्ट ने बीते सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों के शव 13 दिसंबर तक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। हाईकाेर्ट के चीफ जस्टिस आरएस चाैहान की अध्यक्षता वाली बेंच ने पूछा था कि पुलिस ने इस मामले में एनकाउंटर लिए जारी दिशा-निर्देशाें का पालन किया या नहीं। साथ ही पोस्टमॉर्टम से जुड़े वीडियो की सीडी या पेनड्राइव महबूबनगर के मुख्य जिला जज को सौंपने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट गुरुवार को इस मामले में सुनवाई करेगा।

एसआईटी में अलग-अलग शहरों के अधिकारी शामिल
तेलंगाना सरकार ने एनकाउंटर की जांच के लिए 8 सदस्यीय एसआईटी बनाई है। राचकाेंडा के पुलिस कमिश्नर महेश एम भागवत इसके प्रमुख हैं। एसआईटी में शामिल एक महिला समेत बाकी अधिकारी राज्य के विभिन्न हिस्साें से लिए गए हैं।

एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट की 2014 की गाइडलाइंस
एनकाउंटर होने के बाद उसकी एफआईआर दर्ज होना जरूरी है। एनकाउंटर में मारे गए या घायल हुए लोगों के परिवार को तुरंत सूचना देनी होगी। सभी मौतों की मजिस्ट्रेट जांच होगी। एनकाउंटर की जांच सीआईडी की टीम या किसी दूसरे पुलिस स्टेशन की टीम करेगी। ये जांच एनकाउंटर में शामिल टीम के प्रमुख से एक पद ऊंचे अधिकारी की निगरानी में होगी। एनकाउंटर में होने वाली मौत की सूचना राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग या राज्य मानवाधिकार आयोग को देना जरूरी है।

जया बच्चन और स्वाति मालीवाल पर कार्रवाई की मांग
सुप्रीम कोर्ट में वकील एमएल शर्मा ने एनकाउंटर की जांच के लिए न्यायालय की निगरानी में एसआईटी गठित करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करने के लिए जया बच्चन और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ केस दायर किया।

पुलिस का दावा- री-क्रिएशन के दौरान मारे गए आरोपी
तेलंगाना के शमशाबाद में 27 नवंबर की रात वेटरनरी डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके बाद चारों आरोपियों ने शव को जला दिया था। सभी आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में थे। 6 दिसंबर को साइबराबाद पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर जांच के लिए घटनास्थल पर ले गई थी। एनकाउंटर के बाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने बताया था कि क्राइम सीन री-क्रिएशन के दौरान आरोपियों ने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस के द्वारा आत्मरक्षा में की गई फायरिंग में चारों आरोपी मारे गए। यह एनकाउंटर उसी जगह हुआ था, जहां आरोपियों ने डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की थी।