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प्रताप तिवारी अंकित

किसी सुपर हीरो से कम नहीं देवरिया का “मास्कमैन”, कोरोना से कर रहा अपनों की हिफाज़त

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– उपभोक्ता एवं खाद्य वितरण मंत्रालय के सलाहकार सदस्य है प्रताप…

– अब तक बाट चुके है 26 हजार मास्क, 50 हजार मास्क की है तैयारी…

– जिलाधिकारी अमित किशोर से प्रेरित होकर कर रहे है समाजसेवा…

Priyesh Kumar "Prince"

प्रियेश कुमार “प्रिंस”

देवरिया। लॉक डाउन में उलझी जिंदगियों का सफर थम सा गया है। हर तरफ कोरोना के संक्रमण के बीच आइसोलेशन और क्वारन्टीन का शोर सा मचा है । ऐसे में एक युवा किरदार कोरोना के संक्रमण से अपनो को बचाने के लिए मास्क की गठरी लिए गाँव के मलिन बस्तियों झुग्गी झोपड़ियों में घूम रहा है। आप इसे “मास्कमैन” भी कह सकते है लेकिन लोग प्रताप तिवारी अंकित के नाम से जानते है।

देखिये  प्रताप तिवारी अंकित से साथ खास बातचीत…

अभी तक हम लोगो ने स्पाइडरमैन एंग्री यंगमैन और पैडमैन सरीखे किरदारों से जुड़ी कहानियां सुनते रहे है लेकिन देवरिया के “मास्कमैन” की भी कहानी किसी सुपर हीरो से कम नहीं है। प्रताप तिवारी अंकित ने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बढ़ते संक्रमण को लेकर जब गंभीरता से विचार किया तो इन्हें यह ख्याल आया कि क्यों न अपने जनपद देवरिया और रुद्रपुर क्षेत्र में अपने लोगों के बीच काम किया जाए जो कोरोना के संक्रमण काल में लॉकडाउन के चलते अपने घरों में घिरे हुए है। लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए इन्हें जागरूक करना जरूरी है पर इससे भी ज्यादा इन लोगों तक मास्क सेनेटाइजर और साबुन पहुँचाना भी जरूरी है ताकि लोग संक्रमित होने से बच सके।

प्रताप तिवारी ने लोगों के बीच काम करने की ठान ली और इस बात को अपने दोस्तों से साझा किया। दोस्तो की सहमति के बाद बिना देर किए प्रताप ने घर पर ही मास्क और सेनेटाइजर बनाना शुरू कर दिया।

अब प्रताप तिवारी की दिनचर्या बदल चुकी है। प्रताप तिवारी प्रतिदिन अपने गाड़ी में सैकड़ों मास्क सेनेटाइजर और दवा लेकर दोस्तो के साथ गाँव गरीब की दलित मलिन बस्तियों में रह रहे लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए निकल पड़ते है। आज आलम यह है कि प्रताप तिवारी अंकित गाँव देहात के गरीब दलित और मलीन बस्तियों में जरूरतमन्द लोगों को मास्क सेनेटाइजर और दवा बाटते हुए दिखाई दे जाते है।

— 50 हजार लोगों तक मास्क पहुँचाने की है तैयारी…

पेशे से दवा कारोबारी प्रताप तिवारी एक फ़ार्मा कंपनी के मालिक है। जो अब तक गाँव से लेकर शहर तक की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले 26 हजार लोगों तक मास्क और सेनेटाइजर व अन्य जरूरी सामान पहुँचा चुके है। जबकि 50 हजार लोगों तक मास्क पहुँचाने के लक्ष्य के साथ प्रताप अपने काम मे पूरी ईमानदारी के साथ लगे हुए है। प्रताप अपने घर पर ही अपने खुद के खर्च पर मास्क बनवा रहे है। और बाजार में सेनेटाइजर नही मिलने के चलते वैकल्पिक रूप से खुद सेनेटाइजर बनाने का काम कर रहे है। जब कि जरूरतमन्दों को बुखार सर्दी जुकाम की दवा अपनी फ़ार्मा कंपनी से उपलब्ध करा रहे है।

— जिलाधिकारी अमित किशोर से मिलती है प्रेरणा…

प्रताप तिवारी जिलाधिकारी अमित किशोर के कार्यो से खासे प्रभावित दिखते है। और इन्हें ही अपना प्रेरणा स्रोत मानते है। प्रताप बताते हैं कि जिस तरह जिलाधिकारी अमित किशोर बेहिचक हर परिस्थितियों में लोगो के बीच सहजता से काम करते रहते है तो ऐसे व्यक्तित्व से प्रेरित होना लाज़िमी है। इस कोरोना महामारी के बीच जिलाधिकारी के प्रशासनिक कुशलता के चलते ही हम कोरोना के संक्रमण से दूर है वरना एक छोटी सी चूक भी हमे पॉजिटिव रिपोर्ट दे सकती है। जिला प्रशासन की चुस्त दुरुस्त व्यवस्थाएं क़ाबिले तारीफ़ है।

— “मास्कमैन” के रूप में मिल रही है नई पहचान…

ये “मास्कमैन” गाँवों की गंदी मलिन बस्तियों में जाकर पुरुषों महिलाओं और युवाओं से कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव पर खुलकर बात करता हैं। देवरिया के चौक चौराहों से लेकर रुद्रपुर के दोआबा और कछार के बीच बसे गाँवो के झुग्गी झोपड़ी में रहने वाला हर आदमी अब प्रताप तिवारी को “मास्कमैन” के रूप में जानने पहचानने लगा है। देवरिया के इस “मास्कमैन” से मास्क मांगने में अब लोग बिल्कुल गुरेज़ नहीं करते क्यो की प्रशासन ने बाहर निकलने वालों को मास्क अनिवार्य कर दिया है। रुद्रपुर तहसील के जमीरा गाँव के रहने वाले प्रताप तिवारी अंकित (25 वर्ष) ने जब से कोरोना महामारी के बीच काम करना शुरू किया है तब से सैकड़ों लोग प्रतिदिन फ़ोन करके पूछते हैं कि भैया कब आ रहे हैं या फिर मास्क चाहिए दे जाइए। अपने कार्यो के चलते “मास्कमैन” के रूप में प्रताप तिवारी की एक नई पहचान बन गई है।

प्रताप का कहना है कि “हम सिर्फ गाँवो और बस्तियों में ही चर्चा नहीं कर रहे हैं, बल्कि रोड पर लोगों की सुरक्षा में लगे पुलिस प्रशासन आला अधिकारी और सड़क पर आने जाने वाले काम काजी जरूरतमंद मजदूर किसान दुकानदार से भी कोरोना महामारी से बचाव के विषय पर खुलकर बात कर रहे है और मास्क सेनेटाइजर जैसी चीजों को उपलब्ध करा रहे है।

प्रताप आगे कहते है कि “मुझे इस बात की खुशी है कि इतने कम समय में कोरोना जैसी महामारी के बीच हमारे साथ इस अभियान में इतने लोग शामिल होंगे और हमे सपोर्ट करेंगे। लोग फोन करके मुझसे मास्क मांगेंगे। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि हम अपने मिशन में आगे बढ़ रहे हैं।