rangnath pandey behind bar

प्रधान के दबंगई के आगे देवरिया पुलिस बौना, गाँव से परिवार का पलायन

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प्रधान के खिलाफ दर्ज है भलुअनी रूद्रपुर और मदनपुर थाने में दर्जनों अपराधीक मामले…

प्रधान पर गुंडा एक्ट और जिलाबदर तक कि हो चुकी है कार्यवाही…

प्रधान के सामने बौना है पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री का आदेश…

तीन साल से पलायन का दंश झेल रहा पीड़ित परिवार…

जनपद देवरिया के भलुअनी थाने का मामला…

Priyesh Kumar "Prince"

प्रियेश शुक्ला की रिपोर्ट,

देवरिया (उत्तर प्रदेश)। अपने अंधे वर्चस्व की खातिर प्रधान ने अपने ही गाँव के एक परिवार को पलायन करने के लिए इतना मजबूर कर दिया कि पूरा परिवार गाँव से उजड़ गया।

जनपद की पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे तीन सालों से एक प्रधान द्वारा परिवार को प्रताड़ित कर हत्या की साज़िश रची जा रही थी। लेकिन पीड़ित के शिकायत के बाद भी पुलिस पीड़ित को ही गुनहगार साबित करने के लिए अपनी वर्दी और कानून दोनो को दांव पर लगा दिया। इस अंधे और बौने कानून ने मानवता को कलंकित कर मानवाधिकार का गला घोंट दिया।

rangnath pandey

फोटो: पीड़ित रंगनाथ पांडेय

बताते चलें कि रंगनाथ पांडेय पुत्र पौहारी शरण गाँव लंगड़ा बाजार थाना भलुअनी में अपने पैतृक पुरानी मकान में सपरिवार रहते थे। पीड़ित परिवार का अपने ही गाँव के दबंग प्रधान घनश्याम सिंह उर्फ नेता से किसी बात को लेकर मतभेद हो गया और बीते तीन सालों से दोनों परिवारों में जंग जारी है।

पीड़ित रंगनाथ ने प्रधान घनश्याम सिंह के दबंगई और गुण्डई से आजिज़ आकर थाना भलुअनी में शिकायत की। थाने से आश्वासन तो बहुत मिले पर न्याय आज तक नहीं मिला। इधर बदले की भावना से प्रधान घनश्याम सिंह ने पीड़ित रंगनाथ पांडेय के मकान में लगे गेट के आगे जबरियन अपना लोहे का गेट लगवाकर पूरे परिवार की नाकेबंदी कर दी। जिससे पीड़ित के पूरे परिवार का घर से निकलना दूभर हो गया।

lohe ka get dewariya

फोटो: दबंग प्रधान द्वारा लगाया गया जबरियन लोहे का गेट

प्रधान के आतंक और गुण्डई से डरा सहमा पीड़ित परिवार लोहे की गेट को हटवाने और अपने परिवार के जान माल की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन से लगायत सूबे के मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक तक से गुहार लगाई लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी सूबे का प्रशासन पीड़ित को न्याय नहीं दिला पाया।

सवाल यह है कि न्याय और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन कंधो पर है। वही महकमा एक अदने से गाँव के प्रधान के आगे घुटने कैसे टेक सकता है। आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है जिसके चलते भलुअनी पुलिस और जिला प्रशासन प्रधान पर कार्यवाही करने से बच रही है।

बस कागजों में सिमटे आदेश…

तीन साल से चल रहे इस प्रकरण में पीड़ित के पक्ष में उपजिलाधिकारी रूद्रपुर द्वारा स्पष्ट आदेश लिखित रूप से दिया गया है कि पीड़ित के दरवाजे से लोहे का गेट हटवा कर पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। लेकिन ये आदेश सिर्फ कागजो में ही सिमट के रह गया, कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। वहीं जिलाधिकारी देवरिया ने इस संबंध में सीआरओ को आदेशित किया है कि उक्त प्रकरण की जांच कर आख्या दे। लेकिन आज तक सीआरओ मौके पर झांकने तक नही जा सके है। आखिर सिर्फ कोरे आश्वासन से कैसे पीड़ित को न्याय मिलेगा।

प्रधान पर दर्ज है दर्जनों अपराधिक मामले…

प्रधान घनश्याम सिंह उर्फ नेता के ऊपर आईपीसी एक्ट के तहत गैर इरादतन हत्या, हत्या के प्रयास, गुण्डा एक्ट बलवा, मारपीट, फर्जी पते पर लाइसेंस लेने आदि तक के दर्जनों मुकदमे भलुअनी रुद्रपुर मदनपुर आदि थानों में दर्ज है।

इस संबंध में पीड़ित रंगनाथ का कहना है कि हमारा परिवार तीन साल से पलायन का दंश झेल रहा है। हमने भलुअनी थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी तक को अपनी पीड़ा सुनाई है फिर भी किसी से आश्वासन के सिवा कुछ नही मिला। सूबे के मुख्यमंत्री के जनता दरबार में दर्जनों बार गुहार लगाई फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। मंत्री और विधायक तक से भी कई बार शिकायत किया पर किसी ने कुछ नही किया। अगर हम पीड़ित को न्याय नही मिलता है तो हम पूरे परिवार के साथ आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।

जबकि इस संबंध में भलुअनी थानाध्यक्ष का कहना है कि इस घटना के संबंध में हमे कोई जानकारी नही है, अगर पीड़ित के पास जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी का कोई आदेश है तो उसका पालन किया जाएगा। सम्भव यही होगा कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आए तो हम साथ सुरक्षा में जाने को तैयार है।