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सबसे बड़ा घोटाला: ग्रामीणों से रुपये लेने के बावजूद 5 साल के बाद भी नहीं बन सकी पानी की टंकी

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Anil Upadhyay

अनिल उपाध्याय

देवास। 4-5 वर्ष पहले ग्राम आमला के ग्रामीणों को घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नल जल योजना के नाम पर पंचायत द्वारा 500-500 रूपए की अवैध वसूली की गई थी।

लेकिन इन चार पांच साल बीत जाने के बाद भी ग्राम आमला के ग्रामीणों को पानी मिलना तो दूर गांव में ना तो नल लगे और ना ही टंकी बन पाई। आज भी ग्रामीणों को 2 से 3 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाकर अपनी जल की पूर्ति करना पड़ रहा है।

दुखद पहलू यह है कि पीएचई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों एंव कर्मचारियों की घोर लापरवाही के चलते आज से 4 -5 वर्ष पूर्व ग्राम आमला के लिए पेयजल टंकी के निर्माण की स्वीकृति मिली थी, लेकिन इन 4-5 वर्षों के बीत जाने के बाद भी टंकी निर्माण के लिए भूमि पूजन तक नहीं हो पाया।

सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के ग्रामों में निवास करने वाले ग्रामीणों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारियों की घोर लापरवाही के चलते आज तक शासन की अनेक जन हितेशी योजनाएं धरातल पर नहीं आ पाई है।

ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ मिलना तो दूर उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं है कि शासन ने उनके लिए कौन-कौन सा जनकल्याणकारी योजना बनाई है। जिसे वह प्राप्त कर उसका लाभ उठा सके, उधर ग्रामीण अंचलों में पीएचई विभाग कागजों तक सीमित है। उसके जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी कुंभकरण की नींद में सोए हुए लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा हैं। लाखों रुपए का बजट मिलने के बाद भी लोगों को उस बजट से कोई भी फायदा नहीं मिल पाता है।

आश्चर्य इस बात का है कि गर्मी से पूर्व पेयजल संकट से निजात पाने के लिए कार्ययोजना तो तैयार कर ली जाती है लेकिन वह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह पाती है। कागजों से बाहर नहीं निकल पाती है। उसी बात का खामियाजा यह आज भी ग्रामीणों को अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए लोगों के दरवाजे पर दस्तक देख कर भुगतना पड़ता है।

खातेगांव क्षेत्र में लंबे समय से अंगद की तरह पैर जमाए पीएचई विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी से जब आमला के ग्रामीणों ने पेयजल टंकी निर्माण नल जल योजना के लिए सवाल किए तो उक्त कर्मचारी ने ग्रामीणों को जवाब देना तो दूर यह कहते हुए चलते बने कि फालतू बातों का जवाब देने के लिए मेरे पास कोई समय नहीं है और चलते बने पीएचई विभाग के एक कर्मचारी द्वारा ग्रामीणों के साथ उस समय यह दुर्व्यवहार किया गया।

जिस समय ग्राम आमला में विकास यात्रा पहुंची हुई थी और शासन की योजनाओं का बखान किया जा रहा था। पीएचई विभाग के उक्त कर्मचारी द्वारा ग्रामीणों से किए गए दुर्व्यवहार को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही  देवास पहुंचकर कलेक्टर डॉक्टर श्रीकांत पांडे से उक्त कर्मचारी की शिकायत करेगा।