BREAKING NEWS
Search
press

कहाँ है लोकतंत्र? 4 साल, 15 पत्रकार झूठे मुकदमे, मारपीट और अभद्गता

467
Omprakash Varma

ओमप्रकाश वर्मा

धौलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्ग मोदी भले ही लोकतंत्र की दुहाई देकर सुशासन का वादा कर रहे हैं लेकिन हकीकत इससे उलट है। राजस्थान में भाजपा का शासन है और इसी राज्य के धौलपुर जिले में 4 साल के शासन में 15 पत्रकारों के खिलाफ पुलिसकर्मियों द्बारा दर्ज कराए गए झूठे मुकदमे, मारपीट व अभद्ग व्यवहार की घटनाएं सुशासन पर प्रश्नचिन्ह लगा रहीं हैं।

शुक्रवार रात बड़े बैनर के रिपोर्टर जितेन्द्ग गुप्ता के साथ एक पुलिस निरीक्षक द्वारा की गई अभद्ग व्यवहार के विरोध में शनिवार को जिले के डेढ़ दर्जन से अधिक पत्रकारों ने जिला पुलिस अधीक्षक राजेशसिंह को ज्ञापन सौंप जांच की मांग की। इस पर पुलिस अधीक्षक ने घटना की जांच सीओ सिटी सतीशचन्द्ग यादव से कराने का आश्वासन दिया है।

बता दें कि इस घटना से पूर्व खाकी बर्दी में कई पुलिसकर्मी राधेश्याम तिवाड़ी, प्रेम जैन, सोनू, जैन, प्रमेन्द्ग बिधोलिया, धर्मेन्द्ग बिधोलिया, जोगेन्द्ग कुमार सागर, दीपू वर्मा, रामनिवास कुशवाह, रामप्रकाश तिवाड़ी, सहित कई अन्य पत्रकारों के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने के झूठे मुकदमे दर्ज कर मारपीट व अभद्ग व्यवहार कर चुके हैं।

इनमें से किसी भी मामले में पुलिस प्रशासन ने किसी दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि पत्रकारों के खिलाफ ऐसे ही झूठे मामले दर्ज कर उनके साथ मारपीट व अभद्ग व्यवहार किया जाता रहा तो समाज का आयना कहा जाने वाला लोकतंत्र का सबसे मजबूत चौथा स्तंभ खत्म हो जाएगा और देश में अराजकता का माहौल उत्पन्न हो जाएगा।

पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों, मारपीट व अभद्ग व्यवहार की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए ताकि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ निष्पक्ष और अक्षुण बना रहे।