BREAKING NEWS
Search
school

मुधुबन में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने किया विद्यालय का निरीक्षण, जांच के दौरान अनुपस्थित पाए गये शिक्षक

429
Birju Thakur

बिरजू ठाकुर

मोतिहारी। मुधुबन जिला शिक्षा पदाधिकारी इफ्तखार आलम ने मधुबन प्रोजेक्ट कन्या मध्य विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षक उपस्थिति का पंजी को पदाधिकारी द्वारा जांच की गया। जिसमें तीन शिक्षक अजय कुमार, अजीत कुमार, पवन कुमार विना आवेदन दिऐ अनुपस्थित पाए गये। अनुपस्थित शिक्षक के द्वारा फोन पर छुट्टी लेने की बात जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा बताकर खाना पुर्ती करने की का मामला सामने दिख रहा था।

विद्यालय के वर्ग कच्छ अस्त व्यस्त पाये जाने के वाहजूद भी बिना कर्येवाई किए, संतोषजनक बताना विद्यालय के छात्राओं के साथ धोखा करने के बात सामने आई है। वहीं श्री विष्णु प्रगाश उच्च विधालय 10+ 2 मधुबन को 12 बजे  मे विद्यालय मे पहुंच कर औचक निरीक्षण किए। निरीक्षण मे उन्होंने शिक्षक उपस्थिति पंजी को जांच किए, विधालय मे  जो शिक्षक अनुपस्थित थे। वे शिक्षक आवेदन दिऐ हुए थे और कुछ सुत्रों ने बताया है वहा शिक्षक पहले ही आवेदन देकर कागजी खाना पुर्ती के लिए जमा कर के छुट्टी पर रहते है।

जब जांच होता है, तो आवेदन बताया जाता है। फिर भी शिक्षा पदाधिकारी को अनियमितता नही दिखाई दिया। वहीं  9th मे पढ रहे लाइब्रेरी क्लास को भी निरीक्षण गए। लेकिन बच्चें की उपस्थिति बहुत ही कम थी. स्कूल मे रजिस्ट्रेशन चल रहा था एवं जिसको लेकर पाठ टिका का नोटिस पूर्व में नोटिस नही दिया गया था। निरीक्षण के समय नोटिस करने का निर्देश दिया गया है।

इतनी सारी अनियमितताओं के वाहजूद भी संतोषजनक बात कहना, एक जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा भ्रष्टाचार के बढाया देने बराबर है। जिला से उपस्कर की राशि भेज देने के बाद भी, विद्यालय मे उपस्कर का प्रयोग नही कराना, अन्य अनियमितता रहने के बाद भी करवाई न कर के संतोषजनक बताया गया है। वहीं मधुबन प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत राज सवंगिया के रा. उ.म. विधालय माड़ीपुर के बच्चें को विषाक्त भोजन खान दस बच्चे बीमार हो जाने  के बारे मे बताया गया है।

मामला संज्ञान मे है फुटपोईएन के मामला नही अगर फुटपोईएन के बात रहता तो 44  बच्चें गए थे। सभी बच्चे बीमार रहते। यह विभाग को पता होना चाहिए 44 में दस बच्चे का तबीयत खराब कैसे हुई। वही मधुबन विद्यालय मे चल रहे रजिस्ट्रेशन एवं परिक्षा फीस के बारे इफ्तखार आलम से पूछने पर बताया गया है कि रजिस्ट्रेशन और फीस के विषय मे विधालय के प्रधानाध्यापक ही बतायेंगें कितना रूपया लेना है और चार्ट लिस्ट विद्यालय मे होगा।

आपको बत दे, मैट्रिक के रजिस्ट्रेशन मे सरकार के निर्धारित  220 रूपये है। लेकिन विधालय के बच्चों से तीन सौ रूपये  से ज्यादा लिया जा रहा है। इतना ही नहीं अतिरिक्त विकास शुल्क के नाम पर अवैध वसूली किया जा रहा है। वहीं परिक्षा फी 25 रू के बदले 50 रूपये वसूली किया जा रहा है।