Disabled Child buried into ground

Solar Eclispe: अंधविश्वास के कारण माता-पिता ने दिव्यांग बच्चों को जमीन में गाड़ दिया, रो-रो कर बुरा हाल

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New Delhi: देश के कई हिस्सों में गुरुवार की सुबह सूर्य ग्रहण देखा गया। यह इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण था। सूर्यग्रहण सुबह 8 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर 10 बजकर 57 मिनट तक रहा। इस दौरान एक अंधविश्वास का मामला भी सामने आया। घटना कर्नाटक के कालाबुरागी ताजसुल्तानपुर गांव की है, जहां माता-पिता ने अपने तीन दिव्यांग बच्चों को जमीन में गाड़ दिया। माता-पिता का मानना था कि सूर्य ग्रहण के वक्त बच्चों को दबाने से वे ठीक हो जाएंगे।

तीन बच्चों को दो घंटे से अधिक समय तक गड्ढे में रखा गया था, उन्हें ग्रहण समाप्त होने के बाद ही बाहर निकाला गया। बच्चे रो रहे थे। जनवादी महिला संगठन की एक महिला कार्यकर्ता अश्विनी ने गांव के निवासी से घटना के बारे में पता चलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद, पूर्व-विधायक बी आर पाटिल सहित तमाम लोग मौके पर पहुंचे और माता-पिता से बच्चों को बाहर निकालने के लिए कहा।

बता दें कि सूर्य ग्रहण धार्मिक महत्व रखता है और इस अवसर पर विशेष पूजा अर्चना की जाती है। हालांकि, इस दौरान अंधविश्वास का हावी होना बेहद खतरनाक है।