Green Group

नशे और महिला हिंसा का दुश्मन ‘ग्रीन ग्रुप’ पहुंचा बनारस, गंगा घाटों का किया भ्रमण

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ग्रीन ग्रुप ग्रामीण महिलाओं का ऐसा ग्रुप है जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नशामुक्ति और महिला हिंसा के विरुद्ध कार्य करता है…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

वाराणसी। जनपद के कई गांवों में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा बनाई गयी होप संस्था की खोज महिलाओं का ‘ग्रीन ग्रुप’ अब मिर्जापुर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नशामुक्ति और महिला हिंसा के विरोध में कार्य कर रहा है। ऐसे ही 5 गांवों में कार्यरत 75 महिलाओं के ग्रीन ग्रुप ने काशी में संकटमोचन मंदिर में दर्शन पूजन के साथ साथ गंगा घाटों का अवलोकन किया।

इस सम्बन्ध में होप संस्था के दिव्यांशु उपाध्याय ने बताया कि मिर्जापुर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 5 गांवों की 75 महिलाऐं जो ग्रीन ग्रुप का हिस्सा हैं उन्हें एसपी मिर्जापुर विपिन मिश्रा की पहल पर कम्यूनिटी पुलिसिंग के तहत काशी भ्रमण पर भेजा गया था। दो बसों को एसपी मिर्जापुर ने हरी झंडी दिखाकर वाराणसी के लिए रवाना किया था।

दिव्यांशु ने बताया कि होप संस्था और मिर्जापुर पुलिस के सहयोग से नक्सल प्रभावित क्षेत्र राजगढ़, पुनरिया, भवानीपुर, पुड़ी, धनसेरिया से ग्रीन ग्रुप की महिलाएं काशी दर्शन के लिए पहुंची। काशी के प्रसिद्द अस्सी घाट पहुंचकर ये महिलाएं खुद को रोक नहीं पाई और मां गंगा का आचमन कर गंगा मईया का जयकारा लगाया।

इसके बाद इन्होने तुलसी घाट, वीर भद्रमिश्र घाट, भदैनी घाट, जैन घाट, प्रभु घाट, मां आनंदमयी घाट, निषादराज घाट सहित अन्य घाटों का भ्रमण किया। संस्था के सदस्यों ने उन्हें घाटों के इतिहास के बारे बताया।

ग्रीन ग्रुप की ये महिलाएं गांव में नशा और जुए का विरोध करती हैं। बच्ची के जन्म पर उत्सव मनाती हैं। साथ ही ऐसा करने को प्रेरित करती हैं। गांव के विकास के लिए मुखर रहती हैं।