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Shashank mani and sulabh mani

कलराज के देवरिया सीट छोड़ने के बाद भी भाजपा पशोपेश में, राजनीतिक अफवाहों में रोज नए नामों की घोषणा

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Priyesh Kumar "Prince"

प्रियेश कुमार “प्रिंस”

देवरिया। जब से कलराज ने चुनाव लड़ने से किया इनकार है, तब से लोकसभा देवरिया में प्रत्याशी के चुनाव को लेकर रोज नए नए नाम सामने आ रहे है। अफवाहों का बाजार गर्म है और पार्टी कार्यकर्ता पशोपेश में है।

देवरिया लोकसभा में भाजपा के प्रत्याशी को लेकर असमंजस की स्थिति अब तक बनी हुई है। जिसके चलते प्रत्याशी के घोषणा में देरी हो रही है। देवरिया में टिकट दावेदारों की संख्या आधा दर्जन से भी अधिक है और हर कोई अपनी दावेदारी को पक्का मान के चल रहा है।

बताते चले कि वर्तमान सांसद कलराज मिश्र ने जब से चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है, तब से तरह तरह की अफवाहें क्षेत्र में फैल रही है और रोज नए राजनीतिक कहानी गढ़ी जा रही है।

Shalabh Mani Tripathi

File Photo: शलभ मणि त्रिपाठी

इसी तरह एक नई राजनीतिक अफवाह ने देवरिया लोकसभा के लोगो को चौका दिया की समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी को बीजेपी ने देवरिया लोकसभा से चुनाव लड़ने के लिए ऑफर दिया है और इस ऑफर को उन्होंने स्वीकार लिया है।

इस खबर पर जब ब्रह्माशंकर त्रिपाठी से जब बात की कई तब उन्होंने इस बात का पूर्ण रूप से खंडन करते हुए कहा कि यह बात पूरी तरह से गलत है। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। चुनाव हारने के डर से भाजपा सहमी हुई है और हमारी पार्टी में फूट डालने के लिए इस तरह की अफवाह फैला रही है। मैं सपा का सिपाही हूं और आजीवन समाजवादी पार्टी की सेवा करता रहूंगा।

shashank mani

File Photo: शशांक मणि त्रिपाठी

अगर हम टिकट के दावेदारों पर नजर डालें तो कई नाम है, जो समाने आते है। इनमें पहला नाम है शशांक मणि का जो कि पूर्व सांसद ले. जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के पूत्र है और एक समाजसेवी है। इनकी पहचान क्षेत्र में साफ सुथरे छवि वाले नेता के रूप में है। क्षेत्र में यह रोजगार के साधन उपलब्ध कराने हेतु कार्य करते आ रहे है।

एक और नाम है जो मुख्य रूप से सामने आ रहा है वो है प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी का। क्षेत्र के युवाओं में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। राजनीति में आने से पहले शलम मणि त्रिपाठी ने अपनी सेवाएं पत्रकारिता के क्षेत्र में दी है।

इन दो दावेदारों के बाद भी कई ऐसे नाम है जो समाने आ रहे है। इसमें देवेंद्र प्रताप सिंह, सुर्यप्रताप शाही, शरद त्रिपाठी जैसे कई नाम है। इसमें कई ऐसे भी नाम है जो क्षेत्र के नेता नहीं है, लेकिन इस बार कलराज मिश्र के विरोध को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी किसी बाहरी व्यक्ति पर दांव खेल कर अपने पैर पर कुल्हाड़ी नहीं मारना चाहेगी।