Fake Repoter

प्रशासन की लापरवाही के कारण जिले में फर्जी पत्रकारों की बल्ले-बल्ले

333
Lalit Kishor

ललित किशोर कुमार

बांका। देशभर में बढ़ रहे अखबारी आंकड़े और पत्रकारों की बढ़ रही संख्या से पाठकों की जागरूकता में वृद्धि हुई है। वहीं कुछ ऐसे चेहरों ने भी पत्रकारिता जगत में दस्तक दे दी है, जिसके कारण पत्रकारिता पर सवालिया निशान लगने शुरू हो गए है।

आपकों बता दें कि समाचार पत्र, पत्रिका के पंजीकरण के बाद प्रकाशन व संपादक एक-दो अंक प्रकाशित कर अनगिनत लोगों को प्रेस कार्ड जारी कर देते है, जिनका पत्रकारिता से कोई लेना देना नहीं होता। ऐसे चेहरों की बदौलत पत्रकारिता पर जरूर उंगलियां उठती है। हर गांव शहर में कुछ तथाकथित पत्रकार या समाचार पत्र मालिको ने कुछ लोगों को पैसे लेकर प्रेस कार्ड जारी कर रखे है, जो खासकर यातायात पुलिस सहित कई जगहों पर धौंस जमाते हैं।

ऐसे तथाकथित पत्रकारों से असली पत्रकार भी परेशान हो रहे है। पुलिस प्रशासन सहित अफसर व नेता असली नकली में फर्क नहीं कर पाते है। लेकिन, आजकल प्रशासन भी गहरी निंद में सोया हुआ है। जिला प्रशासन को भी चाहिए कि वो पूछताछ कर उन सरगनाओं तक पहुचं सकेगा, जिन्होने पैसे लेकर प्रेस कार्ड जारी कर रखे हैं।

बताया जा रहा है केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय समाचार पत्र, पत्रिका के पंजीकरण के लिए आवेदक की शैक्षणिक योग्यता, पत्रकारिता में डिग्री की शर्त को अनिवार्य करने जा रहा है। जिला में आज असली पत्रकारों का वजूद खतरे में है। इसका कारण फर्जी पत्रकारों का वृद्धि हुई है आए दिन लोगों में कौतूहल बना रहता है। कहीं पैसे की मांग की जाती है तो कहीं धमकाया जाता है।

ज्यादातर मामले फर्जी पत्रकारों के द्वारा ही की जाती है। इसके पीछे असली पत्रकार भी बदनाम हो जाते हैं। ज्ञात हो कि शहर के लगभग हर दसवें वाहन में प्रेस जरूर लिखा रहता है। वहीं भारत सरकार सूचना मंत्रालय ने साफ कहा कि पोर्टल का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। अगर कोई पत्रकार बताता है तो वह फर्जी है, वहीं कहा गया कि नागरिक अपनी बात पोर्टल के माध्यम से कहने में स्वतंत्र है, लेकिन कहीं पत्रकार की नियुक्ति नहीं कर सकते अगर ऐसे पत्रकार हैं तो फर्जी है।

वहीं साफ शब्दों में कहा गया था कि प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का पोर्टल ही मान्य होगा। जारी किया गया प्रेस कार्ड जो सिर्फ संपादक हि जारी कर सकता है। वहीं देखा जाता है कि लोग पत्रकार संगठन का कार्ड लेकर भी घूमते हैं, लेकिन कहीं लिखते नहीं इन सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।