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रिटायरमेंट से पांच दिन पहले खुल गयी फर्जी पुलिस की पोल

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Rohit Kumar Mishra

रोहित कुमार मिश्रा

चाईबासा। झारखंड पुलिस में एक शख्स फर्जी कागजातों के आधार पर नौकरी करता रहा। प्रमोशन सहित कई लाभ भी उठाया। लेकिन रिटायरमेंट के पांच दिन पहले उस शख्स के फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। शख्स ने फर्जीवाड़ा कर 35 साल तक नौकरी की।

बता दें, कि 35 साल तक झारखंड पुलिस में नौकरी की। तीन प्रमोशन पाकर सिपाही से इंस्पेक्टर भी बन गया। रिटायरमेंट का पांच दिन बाकी था और इसी बीच फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। चाईबासा के रेस्तो हाईबुरू नाम का शख्स फर्जी प्रमाण पत्र पर 35 साल तक नौकरी करता रहा।

पूरे मामले में आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ स्पेशल ब्रांच एडीजी अनुराग गुप्ता ने एफआईआर का आदेश दिया है। एडीजी के आदेश के बाद स्पेशल ब्रांच के डीएसपी कपिंद्र उरांव के बयान पर एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।

क्या है मामला-

विशेष आसूचना ब्यूरो (एसआईबी) में पोस्टेड इंस्पेक्टर रेस्तो हाईबुरू के खिलाफ शिकायत मिली थी कि उन्होंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी ली है। शिकायत मिलने के बाद एडीजी अनुराग गुप्ता ने मामले की जांच कराई तब पता चला कि रेस्तो ने 1983 में फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर चाईबासा जिला पुलिस में नियुक्ति ली थी। जांच के बाद रिस्तो हाई बुरू के आदिवासी होने की बात गलत पाई गई।

31 अक्टूबर को है रिटायरमेंट-

रेस्तो हाईबुरू 35 साल की नौकरी में सिपाही से इंस्पेक्टर बन गए और अब 31 अक्टूबर को रिटायर हो रहे, लेकिन फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने के बाद स्पेशल ब्रांच के एडीजी ने रिस्तो हाई बुरू के खिलाफ चाईबासा सदर थाने में उनके रिटायरमेंट के पहले एफआईआर दर्ज करवाने का आदेश दिया है। जिसके बाद जांचकर्ता डीएसपी कपिंद्र उरांव के बयान पर चाईबासा सदर थाना में मामला दर्ज करा दिया गया है।

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