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जी. एस. पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाई गई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती

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मुकेश कुमार गोस्वामी की रिपोर्ट-

डोमचांच। डोमचांच प्रखंड अंतर्गत बुधवार को जी.एस. पब्लिक स्कूल डोमचांच के प्रांगण में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती धूमधाम से मनाई गई। विद्यालय के अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।

प्रदीप सिंह ने अपने संबोधन में विद्यालय के बच्चों से नेताजी के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को साझा किया। उन्होंने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के अग्रणी नेता थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ने के लिए “आजाद हिंद फौज” का गठन किया था और नेताजी 1920 और 1930 के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्वच्छंद, भाव, युवा और कोर नेता थे।

उन्होंने आगे बताया कि वह 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बने नेताजी भारत के क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे। जिनके खुनी संघर्ष और बलिदान ने भारत को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस शुभ अवसर पर विद्यालय के निदेशक नितेश कुमार ने बच्चों को बताया कि नेता जी बाल्यकाल से ही बहुत बहादुर और प्रतिभाशाली थे।

उन्होंने बताया कि रहस्यमय मृत्यु से पूर्व उन्होंने भारत को आजादी दिलाने के लिए अत्यंत संघर्षशील जीवन व्यतीत किया। उनका नारा “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा” युवाओं में ऊर्जा, जोश और देश भक्ति भरने का कार्य किया, जिसके फलस्वरूप ही हम लोग आज आजाद भारत में सांस ले पा रहे हैं।

विद्यालय के सह निदेशक श्री नीरज कुमार ने भी बच्चों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को बताया। उन्होंने बताया कि नेताजी मेधावी छात्रों में से एक थे। 1897 को कटक में जन्मे, नेताजी की प्रारंभिक शिक्षा कोलकाता और आगे की पढ़ाई इंग्लैंड मे हुई थी। इस शुभ अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा ली।