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गिरिराज सिंह का बदरुद्दीन अजमल पर हमला- वे इस्लाम को मानते बच्चा पैदा करने की फैक्ट्री

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Patna: ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट सुप्रीमो तथा सांसद बदरुद्दीन अजमल  के दो बच्‍चों को लेकर दिए बयान पर राजनीति गर्म हो गई है। बदरुद्दीन अजमल ने कहा था कि इस्लाम केवल दो बच्चे पैदा करने में विश्वास नहीं रखता। जिन्हें दुनिया में आना है, उन्हें कोई कैसे रोक सकता है? उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी नेता व केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

विदित हो कि असम की बीजेपी सरकार ने दो से ज्‍यादा बच्‍चे होने पर सरकारी नौकरी नहीं देने का फैसला किया है। बदरुद्दीन अजमल का बयान इसी की प्रतिक्रिया में था।

गिरिराज सिंह ने कही ये बात

गिरिराज सिंह ने बदरुद्दीन अजमल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस देश में वाक् स्‍वतंत्रता है। जब टुकड़े-टुकड़े गैंग को कुछ भी कहने की छूट है तो कोई भी कुछ भी कहेगा। गिरिराज सिंह ने इस संबंध में ट्वीट भी किया। उन्‍होंने लिखा कि बदरुद्दीन अजमल मानते हैं कि हिंदुस्तान में इस्लाम केवल बच्चा पैदा करने की फैक्ट्री है। अपने ट्वीट में उन्‍होंने सवाल किया कि क्या ईरान, इंडोनेशिया व मलेशिया आदि अन्य देशों में इस्लाम नहीं, जहां जनसंख्या नियंत्रण के लिए कारगर उपाय किए हैं?

बदरुद्दीन के बयान पर इन्‍होंने भी दी प्रतिक्रिया

बदरुद्दीन अजमल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता श्‍ााहनवाज हुसैन ने सवाल किया कि अब मुसलमान क्‍या उनसे पूछकर बच्‍चे पैदा करेंगे? अजमल के बयान की बीजेपी नेता मोहसिन रजा ने भी आलोचना की।

दूसरी आेर कांग्रेस के साजिद अल्‍वी ने अपनी कहा कि जनसंख्‍या नियंत्रण जरूरी है, लेकिन केवल एक राज्‍य (असम) में दो बच्‍चों का कानून उचित नहीं है।

जानिए क्‍या कहा था बदरुद्दीन अजमल ने

असम में बीजेपी सरकार ने दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरी नहीं देने का फैसला किया है। इसपर एआइयूडीएफ सुप्रीमो व सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि इस्लाम केवल दो बच्चे पैदा करने में विश्वास नहीं रखता और जिन्हें दुनिया में आना है उन्हें कोई रोक नहीं सकता। सरकारी नौकरियों को ले असम सरकार के फैसले पर उन्‍होंने कहा कि सरकार वैसे भी हमें नौकरी नहीं दे रही और आगे इसकी उम्मीद भी नहीं है। उन्‍होंने आगे कहा कि मुसलमान अधिक बच्चे पैदा करें, उन्‍हें शिक्षित व लायक बनाए, ताकि वे खुद तरक्की कर सकें।