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SC ST Act protest gopalganj

एससी/एसटी एक्ट को कमजोर करने के खिलाफ गोपालगंज की सभी दुकाने बंद, महिलायें व बच्चें शामिल

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Rajnish

रजनीश

गोपालगंज। सुप्रीम कोर्ट की ओर से SC/ST एक्ट के संबंध में सुनाए गए फैसले से दलित समुदाय में रोष है। दलित समाज ने आज दो अप्रैल को भारत बंद का ऐलान किया है, इसका असर भी आज सुबह से ही देखने को मिल रहा है। गोपालगंज जिला मुख्यालय में कई संगठनों ने भारत बंद को सफल बनाने के लिए जगह-जगह से लोगों ने इसमें शामिल हुए हैं। भारत बंद को लेकर कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए हैं।

एससी/एसटी एक्ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध आज साफ साफ दिख रहा है। भारत बंद के समर्थन में बहुतायत संख्या में महिलायें भी नारे लगाने के साथ-साथ भारत बंद में सिरक्कत कर रही हैं। चौक-चौराहों पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। सभी दुकानें बंद पड़ने के साथ यातायात भी पूरी तरह बाधित हो चुका है। विरोध कर रहे अनेक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने व्यसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने के साथ भारत सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की जा रही है।

भीम आर्मी तथा आरक्षण बचाओ संविधान बचाओ के तरफ से नेतृत्व कर रहे मनोज कु. रंजन एवं रूपेश कुमार के द्वारा बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा एससी/एसटी एक्ट के संबंध में सुनाए गए फैसले से दलित समुदाय में रोष है। क्योंकि इससे दलित पर होने वाले अत्याचारों में वृद्धि होगी व उन्हें मिलने वाले इंसाफ की उम्मीद भी धीमी हो जाएगी। इसी रोष में देश भर में दलित संगठनों ने उक्त फैसले के खिलाफ दो अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया  है।

बात दें कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जानजाती (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989 को 11 दिसंबर 1989 को संसद में पारित किया गया था तथा 30 जनवरी 1990 को इस कानून को जम्मू-काश्मीर छोड़ पूरे देश मे लागू किया गया। इस एक्ट के मुताबिक कोई भी ऐसा व्यक्ति जो एससी-एसटी से संबंध नहीं रखता हो, अगर SC/ST को किसी भी तरह से प्रताड़ित करता है तो उसपर कार्यवाई होगी तथा अत्याचार अधिनियम 1989 के तहत आरोप लगने वाले व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा।

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