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रेयाजुल हक राजू

नीतीश सरकार ने राज्य से बाहर फंसे बेसहारा लोगों को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ा: रेयाजुल हक राजू

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प्रवीर कुमार की रिपोर्ट,

गोपालगंज। बिहार के अप्रवासी मजदूर और छात्रों को लेकर राज्य सरकार का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। दूसरे प्रदेशों में फंसे बिहारी मजदूर और छात्र भूख से बिलबिला कर लगातार घर वापसी की मांग कर रहे हैं पर नीतीश-मोदी के कान पर जूं तक नही रेंग रही है। उक्त बातें आज राजद के प्रदेश महासचिव और गोपालगंज के पूर्व विधायक रेयाजुल हक राजू ने कही।

उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य से बाहर फंसे बेसहारा लोगों को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया है, लॉक डाउन की अवधि में उन्हें सरकार द्वारा किसी तरह की राहत उपलब्ध नही कराई गई। जिस कारण आज उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। देश की अन्य राज्यों की सरकारें अपने फंसे मजदूर और छात्रों को लगातार अपने प्रदेश बुला रहीं हैं और बिहार की सरकार अपने लोगों को राम भरोसे छोड़ दिया है।

उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार बताये कि 21 दिनों के लॉक डाउन में बेसहारा मजदूरों के लिए क्या किया और फीर से बढ़ाई गई ताला बंदी में उनका क्या होगा।

उन्होंने कहा कि इस महामारी के दौर में बेसहारा मजदूर जिस धैर्य और संयम के साथ सरकार के हर निर्देशों का पालन कर रहे हैं वो काबिले तारीफ है लेकिन सरकार इनके साथ जो नाइंसाफी कर रही है वो चिंता का विषय है।

रेयाजुल हक राजू ने कोरोना संक्रमण के जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि केवल पटना में जांच सेंटर बनाये गए हैं वहां संग्रह किये गए नमूने मूल स्वरूप में नही पहुँच रहे हैं। ऐसी स्थिति में नमूनों के रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने सभी जिलों में जांच केंद्र खोलने की मांग की।