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निर्वाचन आयोग ने कसा शिकंजा: चुनावी विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित करने से पूर्व लेनी होगी अनुमति

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Priyesh Kumar "Prince"

प्रियेश कुमार “प्रिंस”

गोरखपुर। लोकसभा संसदीय उप निर्वाचन क्षेत्र में समाचार पत्रों, इलेक्ट्रानिक चैनल, रेडियो पर चलाये जाने वाले विज्ञापनों के लिए अब पहले अनुमति लेनी होगी। इसके प्रमाणीकरण के लिए जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला ने एक समिति का गठन किया है। मीडिया प्रमाणीकरण एवं अनुवीक्षण समिति नाम से गठित इस समिति से विज्ञापनों का प्रमाणीकरण कराने के बाद ही विज्ञापनों को संचालित या प्रकाशित किया जा सकता है। इसके लिए समिति के कार्यालय और मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय में आवेदन देना होगा।

आदेश में मुताबिक विज्ञापन संचालन के लिए आवेदन पत्र के साथ प्रत्याशी का सहमति पत्र होना आवश्यक है। यह आवेदन पत्र किसी व्यक्ति, खुद प्रत्याशी अथवा राजनैतिक दल द्वारा दिया जा सकता है।

इतना ही नहीं, समिति द्वारा पेड-न्यूज के मामलों की निरीक्षा भी की जायेगी। इस संबंध में समिति के सदस्य सचिव जिला सूचना अधिकारी को प्रतिदिन रिटर्निंग आफिसर तथा व्यय प्रेक्षक को रिपोर्ट उपलब्ध कराना होगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी बोले…

इस संबंध में जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला का कहना है कि मीडिया प्रमाणीकरण एवं अनुवीक्षण समिति कार्यालय का भी निरीक्षण होगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक आकाश इसका निरीक्षण करेंगे। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार विज्ञापनों की सत्यापन एवं पेड-न्यूज का गहन निरीक्षण होगा। निरीक्षकों से समय से रिपोर्ट देने का आदेश भी दिया गया है।