BREAKING NEWS
Search
पूर्व विधायक मुक्तिनाथ

अस्त हुआ समाजवाद का सूरज मुक्तिनाथ, कछार से दोआबा तक शोक की लहर

358

– रुद्रपुर विधान सभा से दो बार विधायक रहे मुक्तिनाथ….

– सोसलिस्ट पार्टी, जनता पार्टी, लोक दल, जनता दल और समाजवादी पार्टी तक रहा राजनीतिक सफ़र

Priyesh Kumar "Prince"

प्रियेश कुमार “प्रिंस”

गोरखपुर (देवरिया)। देवरिया जनपद से लेकर लखनऊ के राजनीतिक गलियारों तक अपनी ईमानदारी और राजनीतिक संघर्ष के कारण चर्चा में रहने वाला समाजवाद का सूरज मुक्तिनाथ यादव हमेशा के लिए अस्त हो गया। रुद्रपुर से विधायक रहे मुक्ति नाथ यादव समाजवादी आंदोलन से जुड़े रहे तथा दोआबा और कछार के विकास के लिए लगातार संघर्ष करते रहे।

पूर्व विधायक मुक्तिनाथ का इलाज काफी दिनों से पीजीआई लखनऊ में चल रहा था। लखनऊ के पीजीआई में इलाज के ही दौरान मुक्तिनाथ ने 23 फरवरी की सुबह 4 बजकर 20 मिनट पर अंतिम सांस ली।

मुक्तिनाथ यादव जनपद देवरिया के पकड़ी बाजार के निकट कन्हौली गाँव के निवासी थे। मौत की खबर के बाद से ही कन्हौली गाँव मे सन्नाटा पसरा हुआ है, जब कि शोक संतृप्त परिवार सदमे में है।

मुक्तिनाथ का राजनीतिक सफ़र काफी संघर्ष भरा रहा है। इन्होंने सोशलिस्ट पार्टी, जनता पार्टी, लोकदल, जनता दल से होते हुए समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य तक अपनी राजनीति को पहुंचाया था। समाजवादी पार्टी से दो बार रुद्रपुर से विधायक भी रहे। इनके कार्यकाल में हुए विकास कार्यो के तहत बनी सड़कें, पुलिया नाले और बँधे आज भी दोआबा और कछार के लोगों के जेहन में जिंदा है।

युवा समाजवादी और छात्र सभा के पूर्व महासचिव धर्मपाल सिह सोनू मुक्ति नाथ के व्यवहार और व्यक्तित्व को याद करते हुए रुंधे हुए गले से कहते है कि वास्तव में मुक्तिनाथ दोआबा और कछार के असली नायक थे, जो हमेशा ही यहां के लोगो के लिए सड़क से सदन तक लड़ते रहे।

समाजवादी नेता धर्मपाल सिंह

File Photo: समाजवादी नेता धर्मपाल सिंह

धर्मपाल कहते है कि राजनीति में रहते हुए भी मुक्तिनाथ का जीवन सादगी और ईमानदारी के साथ ही बीता।

हर युवा के लिए आदर्श थे मुक्तिनाथ। राजनेता के साथ साथ सच्चे समाजसेवक थे मुक्तिनाथ। मुक्तिनाथ के जाने से समाजवादी पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। लखनऊ से शव मुक्तिनाथ के गाँव कन्हौली लाया गया। जहां हजारों लोगों ने अपने नेता का दर्शन किया। क्षेत्र के हजारों लोगों के बीच बरहज के सरयू तट पर पूर्व विधायक समाजवादी नेता मुक्तिनाथ यादव का अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने इस क्षण अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी।