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भाजपा प्रत्‍याशियों की पहली सूची जारी, करनाल से लड़ेंगे CM मनोहर

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हरियाणा। Haryana Assembly Election 2019 लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्‍याशियों की पहली सूची जारी कर दी गई है। सीएम मनोहर लाल करनाल और हरियाणा भाजपा अध्‍यक्ष सुभाष बरला टोहाना से चुनाव लड़ेंगे। पहले संभावना जताई गई थी कि प्रत्‍याशियों की सूची करीब 11 बजे घोषित की जाएगी, लेकिन सूची सायं साढ़े चार बजे के बाद घा‍ेषित की गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल करनाल और हरियाणा भाजपा के प्रधान सुभाष बराला टोहाना से चुनाव लड़ेंगे। अभी 78 उम्‍मीदवारों की घोषणा की गई है।


योगेश्‍वर दत्‍त बरोदा, संदीप सिंह पेहवा और बबीता फोगाट दादरी से भाजपा प्रत्‍याशी…

अंतरराष्‍ट्रीय पहलवान योगेश्‍वर दत्‍त सोनीपत जिले के बड़ौदा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्‍तान संदीप सिंह कुरुक्षेत्र के पेहवा और अंतरराष्‍ट्रीय महिला पहलवान बबीता फोगाट दादरी से चुनाव लड़ेंगी।

बता दें कि रविवार देर रात पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए सभी 90 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप दे दिया। सूची जारी करने से पहले केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों से चर्चा के बाद चुनाव प्रभारी नरेंद्र सिंह तोमर के निवास पर एक बार फिर बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ अनिल जैन, चुनाव प्रभारी भूपेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री सुरेश भट्ट और प्रदेश अध्यक्ष  सुभाष बराला मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पहले चरण के लिए 54 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लगाई गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को बाकी सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के लिए अधिकृत कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार बाकी सीटों में से कुछ पर पेंच फंसा है। उसको सुलझाने के बाद ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल राष्ट्रीय अध्यक्ष को इसकी जानकारी देंगेे और संबंधित क्षेत्रों के प्रत्याशियों की सूची जारी हो जाएगी।

बता दें कि रविवार शाम पांच बजे से आठ बजे तक भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय में हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशी तय करने को लेकर केंद्रीय चुनाव समिति की प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। इसमें पहले हरियाणा पर चर्चा हुई, उसके बाद महाराष्ट्र पर।  जहां तक हरियाणा के प्रत्याशियों की सूची की बात है तो संभावना है कि देर रात तक जारी हो जाए।

बैठक से निकलने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल सीधे हरियाणा भवन पहुंचे। वहां उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह और कृष्णपाल गुर्जर को तलब किया। गुर्जर अपने दिल्ली स्थित निवास 8 तुगलक लेन से सीएम का संदेश मिलते ही करीब दस मिनट में हरियाणा भवन पहुंच गए, जबकि राव इंद्रजीत सिंह नहीं पहुंचे। गुर्जर व सीएम के बीच एकांत में चर्चा होती रही। बताया जा रहा है कि सीएम ने गुर्जर के साथ घंटे भर विस्तृत चर्चा की। सूत्र बताते हैं कि गुर्जर को मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र की सभी नौ सीट पर महत्व देने का आश्वासन दिया गया है।

बैठक से पहले भी मुख्यालय में हुआ विचार विमर्श…

प्रधानमंत्री के साथ समिति की बैठक से पहले भी केंद्रीय मुख्यालय में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, प्रदेश प्रभारी डॉ.अनिल जैन, चुनाव प्रभारी नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में भी केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों के परिजनों को टिकट दिए जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई। हालांकि अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों के परिजनों को टिकट भले न दिए जाएं, लेकिन उनके लोकसभा क्षेत्र में टिकट वितरण में उनकी राय को महत्व दिया जाए।

यही कारण रहा कि मुख्यमंत्री ने बैठक खत्म होते ही सबसे पहले कृष्णपाल गुर्जर को हरियाणा भवन बुलाया। राव इंद्रजीत सिंह के कड़े तेवरों से सीएम सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता खासे नाराज हैं। सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय नेतृत्व एक हद तक राव के तेवर सहन करेगा, इसके बाद कड़ा फैसला ले सकता है।

दूसरों दलों से आए नेताओं को मिलेगा टिकट…

पार्टी सूत्रों के अनुसार दूसरे दलों से आने वाले प्रमुख नेताओं को टिकट अवश्य दिया जाएगा। इसके पीछे पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि दूसरे दलों के प्रमुख नेताओं को पार्टी की मुख्य धारा से जोडऩे पर न केवल विपक्षी दलों को नुकसान होगा बल्कि भाजपा को जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार में फायदा होगा।

मोदी ने किया ट्वीट, विकास के मुद्दों पर लड़ेंगे चुनाव…

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में हिस्सा लेने के बाद रात्रि 10.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा है कि महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दों पर लड़े जाएंगे। मोदी ने कहा है कि दोनों प्रदेशों के लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में केंद्र और राज्य दोनों सरकारों द्वारा डबल इंजन के रूप में काम किया है।