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ट्रम्प के निर्देश पर बगदाद एयरपोर्ट पर मारे गए ईरान की विशेष सेना के प्रमुख, रॉकेट हमलों में 7 अन्य की मौत

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New Delhi: इराक के बगदाद एयरपोर्ट पर गुरुवार देर रात अमेरिकी ड्रोन्स ने रॉकेट से हमला कर दिया। इसमें ईरान की इलीट कुद्स सेना के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी और इराक के ईरान समर्थित संगठन- पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (पीएमएफ) के कमांडर अबु महदी अल-मुहंदिस समेत 8 लोगों की मौत हो गई। व्हाइट हाउस के मुताबिक, जनरल कासिम मध्य-पूर्व में अमेरिकी राजनयिकों और इराक में सैनिकों को मारने की साजिश रच रहे थे। राष्ट्रपति ट्रम्प के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने अपने जवानों की रक्षा के लिए जनरल कासिम को मार गिराया। वे ईरान की विशेष सेना रेवोल्यूशनरी गार्ड की कुद्स फोर्स के प्रमुख थे। यह अमेरिका के लिए आतंकी संगठन है।

अमेरिकी के बगदाद स्थित दूतावास पर मंगलवार को ईरान समर्थित भीड़ ने हमला किया था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि अगर अमेरिकी फैसिलिटीज पर जान-माल का नुकसान हुआ तो ईरान को बड़ी कीमत चुकानी होगी। ट्रम्प ने कहा था कि यह चेतावनी नहीं, बल्कि धमकी है। उनके इस बयान के 48 घंटे बाद ही अमेरिकी सेना ने ईरानी कमांडर को मार गिराया।

कासिम हजारों सैनिकों को मारने का जिम्मेदार

दूसरी तरफ अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि जनरल कासिम और उसकी कुद्स सेना इराक में हजारों अमेरिकी और गठबंधन सेनाओं की मौत की जिम्मेदार है। उनकी सेना ने कई और हजार लोगों को घायल भी किया। ट्रम्प ने सेना की इस कार्रवाई के बाद ट्विटर पर अमेरिकी झंडे की तस्वीर पोस्ट की।

ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने कमांडर कासिम की मौत के बाद अमेरिका पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय आतंक है। जनरल कासिम आईएसआईएस और अल-कायदा के खिलाफ सबसे प्रभावशाली ताकत थे। यह अमेरिका का तनाव बढ़ाने वाला बेवकूफी भरा और खतरनाक कदम है। इस दुष्ट कार्रवाई के लिए अमेरिका खुद जिम्मेदार होगा।

इराक के सुरक्षाबलों का हिस्सा है पीएमएफ
ईरान समर्थित संगठन पीएमएफ के प्रवक्ता के मुताबिक, हमले में उसके 5 सिपाहियों की मौत हुई है। संगठन ने पहले हमले के लिए इजराइल पर शक जताया था। पीएमएफ शिया लड़ाकों का एक गुट है। यह आधिकारिक तौर पर इराकी सुरक्षाबलों में शामिल हैं। रॉकेट हमले में मारे गए महुंदिस इस संगठन के उप प्रमुख थे। इराक में अमेरिकी सेना के खिलाफ जाने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने उन्हें ब्लैकलिस्ट किया था।

अमेरिकी दूतावास पर हमले दो दिन बाद कार्रवाई

पीएमएफ ने भी हमले के पीछे अमेरिका या इजराइल के हाथ होने का दावा किया। ईरान और इराक की सेना से जुड़े लोगों पर यह हमला अमेरिकी दूतावास पर ईरान समर्थित भीड़ के हमले के दो दिन बाद हुआ है। 31 दिसंबर को ईरान समर्थित कुछ प्रदर्शनकारियों ने दूतावास के गेट तोड़ दिए थे और बाहर आग लगा दी थी। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि ईरान को अमेरिकियों के जान-माल के नुकसान के लिए बड़ी कीमत चुकानी होगी

इराक में ईरान समर्थित संगठन को निशाना बना रहा अमेरिका
अमेरिका इन दिनों इराक में ईरान समर्थित कतैब हिज्बुल्ला विद्रोहियों को निशाना बना रहा है। रविवार को अमेरिकी एयरस्ट्राइक में इस संगठन के 25 लड़ाके मारे गए। अमेरिका का कहना था कि उसने यह हमला इराक में अमेरिकी सिविलियन कॉन्ट्रैक्टर की मौत का बदला लेने के लिए किया। हालांकि, इराकी प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल महदी ने कहा था कि अमेरिकी एयरस्ट्राइक देश की स्वायत्ता का उल्लंघन है। कतैब हिज्बुल्ला के लीडर ने हमले के लिए अमेरिका को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी।