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Heavy Rainfall

दिन में छाया अंधेरा, तेज हवाओं के साथ हो रही भारी बारिश, इन इलाकों में चेतावनी जारी

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New Delhi: दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह से बारिश हो रही है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सुबह भविष्यवाणी की है कि अगले दो घंटों के दौरान दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। इससे पहले मौसम विभाग ने कहा था कि 5 और 6 मार्च को पंजाब और हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज और ओलावृष्टि के साथ भारी वर्षा की संभावना है।

गुजरात में बेमौसम बारिश हुई

गुजरात ने लोगों तब हैरान थे जब गुरुवार शाम को राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश शुरू हो गई। अहमदाबाद, गांधीनगर, मेहसाणा, आणंद, पोरबंदर, द्वारका और राज्य के कई अन्य हिस्सों में बारिश हुई।

कश्मीर, हिमाचल, लद्दाख में भारी बारिश के साथ बर्फबारी

मौसम की जानकारी देने वाली एजेंसी skymetweather के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसमी गतिविधियां बढ़ी हैं। जानकारी के मुताबिक, जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में बर्फबारी के साथ बारिश हो रही है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई हिस्सों में भी गरज के साथ बारिश देखने को मिल रही है।

स्काईमेट ने पहले ही 6 मार्च से उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में मौसमी गतिविधियों के बढ़ जाने का अनुमान लगाया था। एजेंसी का पूर्वानुमान था कि गुलमर्ग, कुलगाम, पहलगाम, श्रीनगर, कारगिल, लेह समेत उत्तर भारत के दोनों केंद्र शासित क्षेत्रों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में अच्छी बारिश और बर्फबारी होगी। इसी तरह शिमला, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर, चंबा, मसूरी, नैनीताल, उत्तरकाशी सहित हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी अच्छी बारिश और बर्फबारी होने की बात कही गई थी।

कब तक रहेगा मौसम खराब

skymetweather के मुताबिक, 7 मार्च की दोपहर तक यह सब मौसमी गतिविधियां जारी रहेंगी। पश्चिमी कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और हिमपात में कमी आ जाएगी। वहीं, लद्दाख और उत्तराखंड में 8 मार्च की सुबह तक मौसम में हलचल बनी रह सकती है। उत्तर भारत की बात करें तो यहां 8 और 9 मार्च को मौसम थोड़ा ठीक रहेगा। हालांकि, बताया गया कि 10 मार्च से एक नया सिस्टम उतपन्न होगा, क्योंकि अगला सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 10 मार्च से ही पहाड़ों को प्रभावित करेगा।