नौजवानों ने पेश की कौमी एकता की बेमिसाल नज़ीर

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वाराणसी: गंगा के पावन तट पर ऐतिहासिक शाही आलमगीर मस्जिद (धरहरा) में पार्षद अजीत सिंह की सदारत में आयोजित रोजा इफ्तार की दावत में कौमी एकता की बेमिसाल नजीर दिखी। माहे रमजान के २८ वें रोजे को आयोजित इस इफ्तार में बड़ी तादात में रोजेदारों ने ल़जीज इफ्तारी से रोजा खोला।

हिंदू धार्मिक स्थलों से घिरे इस मस्जिद में इलाके के तमाम हिंदू नौजवानों ने रोजेदारों की दिल से खिदमत की। मष्तक पर केशरिया चंदन लगाये व वंâधों पर केशरिया दुपट्टा रखे नौजवानों की रोजेदारों के प्रति सेवा भावना ने एक बार पुन: गंगा-जमुनी तहजीब को बल प्रदान किया। रोजेदारों की सेवा में पार्षद अजीत सिंह के साथ दर्जनों की संख्या में उनके नौजवान साथियों ने भी रोजेदारों की खुले दिल से खिदमत करके बेहतरीन नजीर पेश किया। बदलते वक्त के साथ किसी भी क्षेत्र की कमान नौजवानों के हाथ में आती जा रही है। समाज में नौजवान पीढ़ी का बड़ा ही विशेष महत्व है। सामाजिक भाईचारा कायम रखने में भी आज नौजवानों की भूमिका अत्यंत ही महत्त्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में वाराणसी में बड़ी तादात में नौजवानों ने रोजेदारों की खिदमत कर भाईचारे का बेहतरीन संदेश दिया।

इफ्तार के आयोजक इलाके के पार्षद अजीत सिंह ने इस मौके पर बताया कि वाराणसी विश्व पटल पर अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है। यहां कि गंगा-जमुनी तहजीब का बखान दुनिया भर के विभिन्न सम्प्रदाय के लोगों के बीच होना ही हमारे लिए गर्व की बात है। यहां के मंदिरों के घंटा-घड़ियाल की धुन और मस़्िजदों की अजान की सदाआें का अनोखा संगम हिंदू-मुस्लिम एकता की बेमिसाल नजीर प्रस्तुत करती है। पार्षद ने बताया कि जिस गंगा-जमुनी संस्कृति और सभ्यता की दुहाई दुनिया भर में दी जाती है दर असल उस संस्कृति और सभ्यता का उद्गम स्थल यहीं गंगा मईया का पावन तट है जहां पांच नदियों गंगा,जमुना,सरस्वती,किरणा एवं धूपपापा का संगम स्थल है। इन्ही पांच नदियों के संगम के कारण ही इस स्थान का नाम पंचगंगा पड़ा। इस मस़्िजद के चारों तरफ पांच ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है,जिनमें मुख्य रूप से बाबा तैलंग स्वामी का मठ, बिंदू माधव का प्राचीन मंदिर,जगद्गुरु रामानंदाचार्य के शिष्य स्वामी रामनरेशाचार्य का पवित्र स्थान ‘श्री मठ’, माता मंगलागौरी का प्राचीन मंदिर तथा श्री गोकर्ण मठ है। गंगा की पवित्र धारा के तट पर यह ऐतिहासिक मस्जिद ही गंगा जमुनी तहजीब का उद्गम स्थल है।

इफ्तार के इस पाक मौके पर समाज के विभिन्न वर्गों एवं समुदायों के लोगों ने एक साथ रोजा खोलकर कौमी एकता का बेहतरीन संदेश दिया। इस इफ्तार पार्टी में तमाम इज्जतदार व मानिंद लोगों ने शिरकत की जिसमें मुख्य रूप से श्री विजय दूबे (मुन्ना गुरू), लखन शर्मा पापे, दानिश खान, नूर अहसान, नईम अंसारी, नारायण माहेश्वरी, डा.संजय सोनकर, रोहित यादव, सुजीत सिंह, किर्तन चौधरी, राजेश यादव, पं. रवि दत्त मिश्रा, दिनेश वर्मा, पियूष पाण्डेय, मुन्ना दूबे, विशाल सेठ (एडवोकेट), अजय राजवीर, विकास बिंद, अरविंद चौरसिया (एडवोकेट), देवेंद्र केशरी, राजा थापा, सुखलाल, शम्भू नाथ, चंदन चौरसिया, सादिक अली मुतवल्ली, अब्दुल हमीद अंसारी, फजलुर्रहमान अंसारी, मुश्ताक खान, सरफराज भाई (भोलू), पार्षद सुनील यादव, तुफैल अंसारी (पार्षद) ईत्यादि जन प्रमुख जन उपस्थित रहें।