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मेरठ के कोठों से सैंकड़ों युवती दिल्ली रेड लाइट एरिया में शिफ्ट

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खूब हुई छापेमारी, कराई गई रेस्क्यू…

Hariom Kumar

हरिओम कुमार की रिपोर्ट-

मेरठ- जिले के कबाड़ी बाजार स्थित रेड लाइट एरिया का मामला सुर्खियों में आते ही यहां से सेक्स वर्कर को दूसरे राज्यों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया गया है. रविवार को पुलिस सूत्रों से जानकारी मिली कि पिछले दो से तीन दिनों में मेरठ से सौ से ज्यादा सेक्स वर्कर को दिल्ली शिफ्ट किया जा चुका है. इनमें सबसे ज्यादा संख्या राजस्थान, नेपाल, मध्यप्रदेश आदि राज्यों की लड़कियों की है. इस मामले में पुलिस के उच्चाधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं.

कबाड़ी बाजार प्रकरण में हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. ऐसे में प्रशासन ने कोठों को सील करने के लिए नोटिस देना शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि बुधवार से कोठों पर मजिस्ट्रेटों की मौजूदगी में जांच और सीलिंग की कार्रवाई होगी. ऐसे में पुलिस नहीं चाहती कि यहां कोई कोठा संचालक, संचालिका या सेक्स वर्कर मौजूद मिले.

जैसे ही कोठों पर कार्रवाई की तलवार लटकनी शुरू हुई, तो सौ से अधिक सेक्स वर्करों को यहां से आधी रात को तीन से चार बजे के बीच कोठों से निकालकर दिल्ली के रेड लाइट एरिया में पहुंचा दिया गया है. कोठा संचालिकाओं से कहा गया कि पुलिस-प्रशासन की टीमें कभी भी फोर्स लगाकर यहां कोठों को सील कर सकती हैं.

कबाड़ी बाजार के कोठों पर जल्द लग सकती है सील-

कबाड़ी बाजार मामले में प्रशासन ने अपना तीर छोड़ दिया है. अब सिर्फ 30 अप्रैल को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई का इंतजार है. इसके बाद प्रशासन कोठों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर देगा. यही नहीं, प्रशासन ने जिस तकनीकी तौर पर नोटिस जारी किए हैं, उससे भी साफ है कि प्रशासन की अंतिम कार्रवाई सील लगाने की ही होगी.

कबाड़ी बाजार प्रकरण में जिलाधिकारी ने अब अपनी अलग रणनीति बनाई है. पुलिस के स्तर से किरकिरी होने के बाद जिलाधिकारी ने कोठों पर कार्रवाई के लिए अपने स्तर से पूरी विधिक राय के बाद नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में उन्होंने कोठा संचालिकाओं या संचालक को नहीं, बल्कि नगर निगम के भवन कर रजिस्टर से तैयार सूची के अनुसार भवन मालिकों को नोटिस दिया है.

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इस नोटिस की भाषा भी बहुत सधी हुई है, जिसमें सीधे भवन मालिक से कहा गया कि उनके मकान में अनैतिक रूप से लोगों का आना-जाना रहता है. नोटिस में यह भी दर्शा दिया गया कि अब काफी दिनों से यहां ताला लटका हुआ है. ताकि कोई यह न कह सके कि अब यहां कोई नहीं रहता है.

साथ ही अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम का हवाला देते हुए सीधे सील लगाने का आदेश भी इस नोटिस में है. जबकि मकान मालिकों से सिर्फ यह जवाब मांगा है कि उनके मकान में अनैतिक रुप से आने वाले लोग क्यों आते थे? जवाब देना मालिकों के लिए आसान नहीं होगा.

अब चर्चा है कि मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद जिला प्रशासन इन कोठों को सील करने की कार्रवाई करेगा. मंगलवार को इसी नोटिस के हवाले से जवाब दाखिल होगा और इसके बाद कोर्ट के दिशा निर्देश मिलने पर कार्रवाई का रुख तय होगा.

अफसरों ने झाड़ा पल्ला-

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कोठों से सेक्स वर्करों को दिल्ली में पहुंचाने के मामले में ब्रह्मपुरी और और देहली गेट पुलिस ने चुप्पी साध ली है. वहीं उच्च अधिकारी भी इस मामले में कुछ बोलने से बच रहे हैं. पुलिस अफसरों का कहना है कि कोठों पर लड़कियां हैं या नहीं पुलिस को कोई जानकारी नहीं है. लड़कियों को किसने कहां पहुंचाया इस संबंध में भी पुलिस को कोई जानकारी नहीं है.

खूब पड़े छापे, लड़कियां हुई रेस्क्यू-

पुलिस रिकॉर्ड की बात करें तो एक जनवरी 2014 से लेकर कबाड़ी बाजार स्थित कोठों से 142 लड़कियों को रेस्क्यू कराया गया. जबकि 116 लोगों को अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया। इनमें कोठा संचालिका भी शामिल हैं. पूर्व में यहां जो भी लड़कियां बरामद हुई हैं उनमें यूपी के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और नेपाल की लड़कियां बंधक मिलीं. पूर्व में बताया गया था कि कोठों पर 150 से 200 लड़कियां को बंधक बनाकर देह व्यापार कराया जाता था.