BREAKING NEWS
Search
dead due to insects bits

जंगल में चुनने गये अधेड़ को अज्ञात कीड़े ने डसा, मौके पर हुई मौत

322
Rambihari pandey

रामबिहारी पांडेय

सीधी। गरीबों की रसोई को धुआं रहीत वनाने के लिए उज्ज्वला योजना की शुरुआत करके गांव गांव में रसोई गैस के सिलेंडर वितरित किए जाने का दावा किया जा रहा हैं। किंतु गरीबों तक यह योजना नहीं पहुंच सकी हैं। आज भी गरीबों को जंगलों से लकड़िया चलने के बाद भोजन तैयार कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं।

ऐसा ही मामला मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चुरहट विधायक के गृह क्षेत्र के देवरिया गांव का सामने आया हैं। यह एक आदिवासी को अपनी रसोई के लिए लकड़ी चुनने जाना महंगा पड़ गया जंगली कीड़े के डसने से उसके जंगल में ही मौत हो गई घर में इंतजार कर रहे हैं। उसके परिजन देर शाम तक जब वह लकड़ी जिनको नहीं लौटा तो उसकी तलाश जंगल में की गई।

जहां वह अमृत अवस्था में मिला हैं। घटना की सूचना पिपरांव चौकी को दी गई। तो पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतक के शव को रामपुर नैकिन स्वास्थ्य केंद्र भेज कर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया हैं। घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार रैदुअरिया कला के निवासी टिर्रा कोल पिता दुलारे कोल उम्र लगभग 55 बर्ष गुरुवार की सुबह घर में भोजन पकाने के लिए ईंधन लकड़ी नहीं होने की जानकारी मिली।

तो वह पास के गांव गड़हरा के केहेजुआ पहाड़ से सूखी लकड़ी चुनने गया था। लेकिन वह शाम तक नही लौटा तो परिजनों ने अपने घर परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर जंगल में गिरजा की तलाश की जाने लगे। लेकिन वह मिल नहीं रहा था। काफी प्रयास के बाद उसका सब एक पेड़ के पास चुनी हुई लकड़ियों के पास पड़ा हुआ मिला। जिसकी जानकारी आज सुबह पिपरांव चौकी को दी गई। तो पुलिस ने पंचनामा के बाद निजी किराये के वाहन से शव को पीएम के लिए भेजा हैं।

गरीबी आज भी मुहवाये खाडी हैं जहां वास्तविक रूप से लोगों योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं। जिसका फायदा विचौलिया उठाते अब देखिए न टिर्रा कोल के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने शव वाहन नहीं मिल सका। परिजनों से प्राइवेट वाहन के मालिक ने 12 किलोमीटर के लिए 3600सौ रुपए की मांग किया।

काफी प्रयासों के बावजूद जूद वह तैयार नहीं हुआ। तो मृतक के परिजन घरेलू वस्तुओं की बिक्री की तैयारी कर रहे थे। इसकी जानकारी पिपरांव चौकी प्रभारी पवन सिंह को दी गई। तो वे शव वाहन में लगे खर्च को खुद के जेव से चुकता किये वल्की पंचायत सचिव से संपर्क कर मृतक की अंत्येष्टि के लिए ग्राम पंचायत से₹5000 की तात्कालिक सहायता दिलाया हैं ।जिसकी प्रशंसा पूरे अंचल में हो रही हैं।

चुरहट विधानसभा रामपुर नैकिन स्वास्थ्य केंद्र में 1 सैकड़ा से ज्यादा गांव जुड़े हुए हैं। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के पास एक भी शव वाहन ना तो शासन के तरफ से ना ही किसी जनप्रतिनिधि की तरफ से मुहैया कराया गया हैं।

जिसके चलते प्राकृतिक आपदाओं अथवा संदेहास्पद परिस्थितियों में होने वाली मौतों के पोस्टमार्टम के लिए शव मरचुरी घर तक लाने ले जाने के लिए वाहन नहीं मिल पाते अधिकारी अपनी बदनामी को छुपाने के लिए मृतकों के परिजनों को शव को वाहन से ले जाने का दवाव देते वेचारे परिजनों को निजी वाहन चालकों के मुंहमांगी रकम देने के लिए विवस होना पड़ता हैं।