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छत्तीसगढ़ मे रिकवरी रेट में बढ़ोतरी, होम आइसोलेशन से ही ज्यादातर लोग हो रहे ठीक

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 रायपुर. कोरोना की खतरनाक लहर के बीच छत्तीसगढ़ में अब राहत की उम्मीद नजर आने लगी है। राज्य में सोमवार को लगातार दूसरे दिन संक्रमण की औसत दर 30% से कम रही है। वहीं रिकवरी रेट में भी सुधार हुआ है। पिछले एक हफ्ते में प्रदेश के 63 हजार मरीजों ने कोरोना को मात दी है। इनमें से 90% मरीज होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए।

सोमवार को प्रदेश में कोराेना के 48,673 टेस्ट हुए। इनमें से 13,834 संक्रमित मिले। संक्रमण की दर 28.42% रही। एक हफ्ते बाद यह लगातार दूसरा दिन है जब संक्रमण की दर 30% से कम रही है। रविवार को भी संक्रमण की दर 28% ही रही थी। एक्सपर्ट्स इसे सुधार के संकेत मान रहे हैं। सोमवार को प्रदेश में 11,815 मरीज ठीक भी हुए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में प्रदेश के 63,087 मरीज कोरोना ठीक हुए हैं। इनमें से सिर्फ 10% ही अस्पताल में भर्ती हुए थे। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की शुरूआत के बाद से अब तक पॉजिटिव पाए गए 5 लाख 44 हजार 840 मरीजों में से 4 लाख 10 हजार 913 ठीक हो चुके हैं। इनमें से 1 लाख 12 हजार 595 संक्रमितों का कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों में इलाज किया गया। वहीं 2 लाख 98 हजार 318 मरीज होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए।

ख्यमंत्री ने संक्रमण दर 5% से नीचे लाने का लक्ष्य दिया
जिला कलेक्टरों के साथ कोरोना के हालात की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिलों की औसत संक्रमण दर 5% से नीचे लाने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए उन्होंने प्रभावित गांवों, खदान और औद्योगिक क्षेत्रों में जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया है। रेलवे स्टेशनों और दूसरे राज्यों की सीमाओं पर स्थित चेक पोस्ट पर भी कड़ी जांच करने को कहा गया है।

कलेक्टर्स को रेमडेसिविर खरीदने की परमिशन मिली
प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन और कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाले दूसरी दवाओ की किल्लत अभी भी बनी हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर्स को रेमडेसिविर और दूसरी जीवन रक्षक दवाएं खरीदने की परमिशन दे दी है। मुख्यमंत्री ने बालोद और मुंगेली में टेस्टिंग लैब बनाने की मंजूरी भी दी है।

लॉकडाउन में बैंक खोलने की इजाजत
रायपुर प्रशासन लॉकडाउन को 26 अप्रैल तक बढ़ा चुका है। इस बीच कुछ शर्तों के साथ बैंक खोलने की इजाजत दे दी गई है। शर्तों के मुताबिक बैंक गंभीर बीमारियों से पीड़ित, गर्भवती और संक्रमित कर्मचारियों की ड्यूटी पर नहीं लगाएंगे। कम से कम कर्मचारियों के साथ बैंक सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे। इस दौरान सिर्फ ATM कैश रि-फिलिंग, मेडिकल इक्विपमेंट, मेडिसिन, पेट्रोल पंप, LPG, PDS संबंधी लेन-देन, व्यापारिक लेन-देन और मजदूरों के पेमेंट जैसे काम ही हो सकेंगे। आम लोगों को लेन-देन करने की इजाजत नहीं होगी।

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