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बलूचिस्तान के ब्लैक डे पर वाराणसी से उठी नैतिक समर्थन की आवाज़

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ब्लैक डे जल्द से जल्द व्हाइट डे बन जाए। बलूचिस्तान एक स्वतंत्र राष्ट्र बन जाए ताकि हम वहां बलूचिस्तान में स्थित मां हिंगलाज भवानी का दर्शन करें: स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती

वाराणसी: हिन्द-बलोच फोरम की एक बैठक बुधवार को बलूचिस्तान ब्लैक डे के दिन फोरम के प्रधान ऑफिस महमूरगंज में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता गंगा महासभा के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 1948 से एक स्वतंत्र राष्ट्र पकिस्तान का हिस्सा बन जो दंश झेल रहा है उससे हम मर्माहत हैं और आज बलूचिस्तान के ब्लैक डे का समर्थन करते हैं।

इस मौके पर स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने आगे कहा कि पूरे दुनिये में फैले हुए बलूच भाइयों को हिन्दुस्तान के हिन्द बलोच फोरम कभी समर्थन प्राप्त है। 1948 मोहम्मद अली जिन्ना के धोखे से कैसे एक स्वतंत्र देश पकिस्तान का हिस्सा बन गया और पूरी दुनिया के लोग यही जानते हैं की वह पकिस्तान का एक राज्य है। तब से आज तक बलूची भाई संघर्ष कर रहे हैं। आज पूरी दुनिया में बसे बलूची भाई ब्लैक डे मनाते हैं। इनके इस ब्लैक डे को हिन्दुस्तान के हिन्द-बलोच फोरम का पूरा समर्थन है।

स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि हमारी आशा है कि यह ब्लैक डे जल्द से जल्द व्हाइट डे बन जाए। बलूचिस्तान एक स्वतंत्र राष्ट्र बन जाए ताकि हम वहां बलूचिस्तान में स्थित मां हिंगलाज भवानी का दर्शन करें। इसके अलावा जो बलूचिस्तान मे पिछले कुछ महीनो से स्थिति है उसको देखते हुए हमारा नैतिक समर्थन बलूचिस्तान के साथ है इसके लिए आज हम लोगों ने हिन्द- बलोच फोरम की एक बैठक की है।

वहीं आज सफलता पूर्वक लांच हुई एंटी सेटेलाइट मिसाइल की प्रशंसा करते हुए स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि इस कदम का असर अगले 15 दिनों में देशको देखने को मिलेगा। अमेरिका, चीन, रूस के बाद भारत का अंतरिक्ष की महाशक्ति बनना ये उन लोगों को सन्देश है जो छोटे मोटे विमान उड़ाकर हमें डराने की कोशिश कर रहे थे कि अब हम जब चाहें तुम्हारे राडार को ब्लाक कर तुम्हे नेस्तोनाबूत कर देंगे। इसलिए देश मे विभाजनकारी ताकतों को चाहे राजनितिक हो, चाहे सामाजिक ताकतें हैं अथवा किसी प्रकार की अराष्ट्रीय ताकतें हैं उनका समर्थन बंद करें नहीं तो हमारे वार को झेलने के लिए तैयार रहें।