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छोटे किसानों को मोदी सरकार का तोहफा, मध्यम वर्ग का भी रखा खयाल

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यह छठा बजट है, पिछले पांच बजट अरुण जेटली ने पेश किए थे

मध्यम वर्ग को 5 लाख की आमदनी तक कोई टैक्स नही

मजदूरों-कामगारों के लिए पेंशन योजना की भी व्यवस्था

नई दिल्ली। सरकार ने छोटे तथा सीमांत किसानों की मदद के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बनाने की घोषणा की है जिसके तहत दो एकड़ तक की जोत वाले किसानों को सालाना छह हजार करोड़ रुपये की मदद दी जायेगी। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आज लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते हुये इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह योजना 01 दिसंबर 2018 से लागू मानी जायेगी। इसके तहत मदद की राशि सीधे किसानों के खाते में जमा की जायेगी। इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठायेगी।
उन्होंने बताया कि यह राशि दो-दो हजार की तीन बराबर किस्तों में दी जायेगी। पहली किस्त जल्द ही दी किसानों के खाते में भेज दी जायेगी। गोयल ने बताया कि इससे करीब 12 करोड़ किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इससे सरकारी खजाने पर सालाना करीब 75 हजार करोड़ रुपये का बोझ आयेगा। मोदी सरकार का यह छठा बजट है, पिछले पांच बजट अरुण जेटली ने पेश किया था। इस समय जेटली अमेरिका में इलाज करवा रहे हैं, जिस कारण पीयूष गोयल को प्रभार दिया गया है।

सरकार ने नौकरीपेशा तथा कम आमदनी वाले लोगों को बड़ी राहत देते हुये आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर पाँच लाख रुपये कर दी है जिससे करीब तीन करोड़ करदाताओं को लाभ होगा। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आज लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुये इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आयकर में छूट की सीमा बढ़ाकर पाँच लाख रुपये की जा रही है। इससे करदाताओं को 18,500 करोड़ रुपये की बचत होगी। भविष्य निधियों तथा अन्य कर छूट वाले निवेश को मिलाकर 6.5 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पर कोई आयकर नहीं देना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा मकान ऋण, स्वास्थ्य के मद में खर्च आदि पर मिलने वाली छूट को जोड़ते हुये यह सीमा और बढ़ सकती है। इससे करीब तीन करोड़ आयकरदाता लाभांवित होंगे। इसके अलावा नौकरीपेशा लोगों के लिए मानक छूट की सीमा 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गयी है। इससे करदाताओं को 4,700 करोड़ रुपये की बचत होगी।

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