Divya Bharti

मशहूर अभिनेत्री दिव्या भारती की मौत का राज़, 23 साल पहले हुई थी हत्या, आत्महत्या या दुर्घटना

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दिव्या भारती की 23वी बरसी पर विशेष रिपोर्ट…

Shabab Khan

शबाब ख़ान

मुंबई: 5 अप्रैल सन 1993, जब 19 साल की एक ऐसी अभिनेत्री जिसने 1991 से 1993 के छोटे से वक्त में ही 14 हिंदी और 7 दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से कामयाबी की वो दास्तान लिखी जिसे दोहराने के बारे में सोचना भी मुश्किल है, उस अभिनेत्री की मौत हो गई थी। वो अभिनेत्री थी -‘दिव्या भारती’।

कैसे हुई थी दिव्या भारती की मौत…

मुंबई पुलिस के मुताबिक दिव्या भारती की मौत एक एक्सिडेंट है। ये हादसा हुआ 5 अप्रैल 1993 को। जगह थी वर्सोवा, अंधेरी वेस्ट मुंबई के तुलसी अपार्टमेंट की पांचवी मंजिल का एक अपार्टमेंट। इस अपार्टमेंट के लिविंग रूम की खिड़की से दिव्या रात 11.30 बजे ग्राउंड फ्लोर पर गिरीं। उन्हें नजदीकी कूपर अस्पताल ले जाया गया। वहां उन्होंने दम तोड़ दिया। 7 अप्रैल को हिंदू रीति रिवाज से उनका अंतिम संस्कार पति साजिद नाडियावाला ने किया।

दिव्या की मौत की गुत्थी…

ओम प्रकाश भारती और मीता भारती की बेटी दिव्या भारती ने नवीं क्लास की पढ़ाई के बाद 14 साल की उम्र में स्कूल छोड़ दिया। तब तक वह कुछ मॉडलिंग कर चुकी थीं। गोविंदा के भाई कीर्ति कुमार ने उन्हें बतौर हीरोइन लॉन्च करने का फैसला किया था। पर बाद में बात बिगड़ गई। फिर दिव्या तेलुगु में बनी फिल्म बूबली राजा में वेंकटेश की हीरोइन बनीं।

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फिल्म सुपरहिट रही। हिंदी में लॉन्च पैड बनी राजीव राय की फिल्म विश्वात्मा। इसके बाद दिव्या ने धड़ाधड़ कई हिंदी और तेलुगु फिल्में साइन कीं। तब तक वह परिवार के साथ रहती थीं। पिता से ज्यादा नहीं बनती थी। मां के बारे में कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस तरह की खबरें आईं कि वह ताश और जुए की लत से पीड़ित थी। छोटा भाई कुणाल दिव्या के बहुत करीब था।

एक दिन दिव्या फिल्म सिटी में शूटिंग कर रही थीं। फिल्म थी शोला और शबनम। वहां हीरो गोविंदा से मिलने साजिद नाम का एक प्रॉड्यूसर आया। दिव्या और साजिद की मुलाकात हुई, प्यार हुआ और दिव्या के 18 साल का होते ही दोनों ने शादी कर ली। दिव्या के पिता ओम प्रकाश इस शादी के खिलाफ थे। उन्होंने कथित तौर पर बेटी से बात बंद कर दी। मगर दिव्या घर का खर्च उठाती रहीं।

शादी के बाद वह वर्सोवा के तुलसी अपार्टमेंट में रहने लगीं। साजिद और दिव्या ने कुछ हफ्तों तक अपनी शादी को छिपाकर रखा। उस वक्त की मुंबई में सांप्रदायिक तनाव चरम पर था। साजिद मुस्लिम थे, जबकि दिव्या हिंदू। शादी की खबर के बाद हीरोइन के करियर को वैसे ही हिचकोले लग जाते हैं, ऐसा माना जाता था।

बहरहाल, अब बात उस दिन की, जिस दिन ये सब हुआ। 4 अप्रैल को दिव्या एक फिल्म की शूटिंग कर चेन्नई से मुंबई लौटीं। अगले दिन उन्हें शूटिंग के लिए हैदराबाद जाना था। मगर तभी एक ब्रोकर ने उन्हें एक शानदार फ्लैट के बारे में बताया। अरसे से दिव्या अपने नाम पर एक फ्लैट खरीदना चाहती थीं। उनके बायें पैर में चोट लगी थी। इसी का हवाला देकर उन्होंने हैदराबाद वाले प्रॉड्यूसर को बोला, मैं 5 को नहीं 6 अप्रैल को आऊंगी।

शाम को दिव्या भाई कुणाल और ब्रोकर के साथ बांद्रा स्थित नेपच्यून अपार्टमेंट गईं। यहां उन्होंने एक 4 बेडरूम फ्लैट की डील फाइनल की। कैश में भुगतान तय हुआ। दिव्या बहुत खुश थी। उन्हें जल्द ही पति साजिद की फिल्म आंदोलन की शूटिंग के लिए मॉरिशस जाना था। तय हुआ कि उसके बाद वह इस घर में शिफ्ट हो जाएंगी। वहां से दिव्या मां के घर पहुंची। तभी उन्हें फोन आया। उनसे मिलने फैशन डिजाइनर नीता लुल्ला आ रही थीं। उन्हें आंदोलन के लिए दिव्या की ड्रेस फाइनल करनी थी।

दिव्या घर पहुंची। रात के लगभग 10 बजे नीता अपने पति साइकैट्रिस्ट डॉ। श्याम के साथ पहुंची। घर पर दिव्या के साथ उनकी मेड अमृता थी। अमृता छुटपन से दिव्या की देखभाल कर रही थीं। दिव्या, श्याम और नीता लिविंग रूम में बैठ टीवी देखने लगे। तीनों ने कुछ ड्रिंक्स भी लिए। फिर दिव्या लिविंग रूम की खिड़की की तरफ बढ़ीं।

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यह खिड़की पार्किंग की तरफ खुलती थी। इसमें ग्रिल नहीं लगी थी। दिव्या खिड़की पर चढ़ गईं। और बाहर की तरफ पैर कर बैठ गईं। खिड़की के बाहर लगभग एक फुट की पट्टी थी। दोस्तों की मानें तो दिव्या अकसर ऐसा करती थीं। खुली हवा में सांस लेने जैसा कुछ थी यह स्टंटनुमा हरकत। इस दौरान वह लगातार अमृता से बात कर रही थीं। अमृता उस वक्त किचेन में इन तीनों के लिए चखना तैयार कर रही थी। पुलिस को दिए बयान की मानें तो नीता और श्याम उस वक्त वीसी प्लेयर पर कुछ देखने में मशगूल थे।

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा। और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया। उनका हाथ स्लिप हो गया। वह नीचे गिरीं। ये सब कुछ ही सेकेण्ड में हुआ। जब नीता, श्याम और अमृता भागकर नीचे पहुंचे, तो देखा कि पार्किंग में दिव्या तड़प रही है। चारों तरफ खून का गोला बढ़ता जा रहा था। दिव्या जिंदा थी, मगर उसकी नब्ज तेजी से डूब रही थी। वे उसे अस्पताल ले गए। कूपर हॉस्पिटल। वहां इमरजेंसी के आईसीयू वॉर्ड में दिव्या ने आखिरी सांस ली। दिव्या की आखिरी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की डॉ० त्रिपाठी ने। उनके मुताबिक दिव्या के पेट में कुछ मात्रा में एल्कोहल था।

दो दिन बाद हिंदू रीति रिवाज से दिव्या का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दुल्हन वाली लाल चुनरी ओढ़े दिव्या की वह आखिरी तस्वीर लोगों के दिमाग में टंग गई। इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री के तमाम दिग्गज मौजूद थे।

दिव्या भारती की मौत की जांच की वर्सोवा के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर जेजी जाधव ने। जांच पांच साल चली। आखिर में ये नतीजा आया कि ये मौत किसी साजिश का नतीजा नहीं थी और न ही आत्महत्या थी। मामले को दुर्घटना बताकर फाइल बंद कर दी गई।

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हत्या? आत्महत्या? या दुर्घटना?

दिव्या भारती की मौत के बाद सबसे बड़ा अहम सवाल जो खड़ा हुआ वह यह था कि, दिव्या भारती की मौत के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है? कुछ लोगों ने इसे ‘आत्महत्या’ माना, कुछ ने ‘दुर्घटना’ तो कुछ लोगों ने साफ तौर पर इसे एक ‘षडयंत्र और हत्या’ करार दिया। दिव्या भारती की मौत को षड्यंत्र के तौर पर देखने वालों ने उनके पति साजिद नाडियाडवाला से लेकर अंडरवर्ल्ड तक को इस मौत से जोड़कर देखा। यहॉ तक की दिव्या से अंडरवर्ड डॉन से संबधों तक के कायस लगाए गए।

आज दिव्या भारती की मौत को 23 साल हो चुके हैं। उस मासूम सी अभिनेत्री जो अपने समय में करोड़ों दिलों की धड़कन बन गई थी, जिसे श्री देवी का उत्तराधिकारी माना जानें लगा था। जो सुपर स्टार बॉलीवुड किंग शाहरुख ख़ान की पहली फिल्म ‘दीवाना’ की नायिका थी, उसकी मौत का राज, राज ही बन कर रह गया है। क्या कभी यह राज़ खुलेगा? शायद नही।

shabab@janmanchnews.com