Khawaja Muhammad Asif

“अगर भारत सर्जिकल स्ट्राइक करेगा, तो हम भी उसे छोड़ेंगे नहीं”- पाकिस्तान ने बड़बोलेपन में कहा

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Anil Aryan

अनिल आर्यन

दुनिया डेस्क: हमारे देश भारत द्वारा पाकिस्तान पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक से पड़ोसी देश पाकिस्तान को सीख लेनी चाहिए। लेकिन लगता है उसे अपनी कोई परवाह नहीं,  इसीलिए तो वह भारत के खिलाफ ऐसे बयान दे रहा है, लेकिन उसे नहीं पता कि भारत भी अब चुप रहने वाला नहीं है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गुरुवार (5 अक्टूबर) को भारत को अपने यहां लक्षित हमले करने या अपने परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के खिलाफ आगाह करते हुए कहा कि अगर ऐसा होता है तो कोई भी उनके देश से संयम की उम्मीद ना करे।

इससे पहले भारत के वायुसेना प्रमुख बी एस धनोवा ने कहा था कि भारतीय सैन्य बल एक व्यापक अभियान के लिए तैयार हैं। आसिफ ने उनके बयान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने पड़ोसी देशों के साथ शांति एवं सद्भाव से रहना चाहता है, लेकिन भारत पाकिस्तान में लक्षित हमले करता है या उसके परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता है तो ‘‘किसी को भी उससे संयम की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।’’

Khawaja Muhammad Asif

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उन्होंने वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में अपने एक संबोधन में कहा, ‘‘भारत के साथ संबंध इस समय सबसे निचले पायदान पर पहुंच गए हैं।’’ विदेश मंत्री ने भारत से जुड़े एक सवाल में जवाब में कहा, ‘‘दुखद रूप से भारत ने संबंध सुधारने की पाकिस्तान की कोशिशों का जवाब नहीं दिया।’’ उन्होंने कहा, ”कश्मीर में जो हो रहा है, वह बातचीत सामान्य करने के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है।”

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने अमेरिका से अपने देश को ‘‘बलि का बकरा’’ ना समझने को कहा और कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान में पहले ही युद्ध हार चुका है तथा युद्ध ग्रस्त देश में केवल स्थिति को बचाए रखने में लगा है। इससे पहले वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ ने गुरुवार (5 अक्टूबर) को कहा कि भारतीय वायुसेना युद्ध की स्थिति में चीन और पाकिस्तान को एक साथ जवाब देने में सक्षम है।

धनोआ ने कहा कि भारतीय वायुसेना पाकिस्तान के एटमी ठिकानों को भी खत्म कर देने में पूरी तरह सक्षम हैं। पाकिस्तान के रणनीतिक परमाणु हथियारों को लेकर चिंताओं और यह पूछे जाने पर कि क्या वायुसेना जरूरत पड़ने पर इस्लामाबाद के परमाणु हथियारों को खत्म कर सकती है।

धनोआ ने कहा कि वायुसेना के पास सीमा पर पाकिस्तान के परमाणु लक्ष्यों की पहचान करने और उन पर हमला करने की क्षमता है। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास एक मसौदा परमाणु सिद्धांत है। यह इसका जवाब देती है कि तब क्या होगा जब दुश्मन हम पर परमाणु हथियार के इस्तेमाल का फैसला ले लेता है।’

जहां तक भारतीय वायुसेना का सवाल है, उसके पास न सिर्फ सामरिक परमाणु हथियारों की पहचान करने और उन पर निशाना साधने बल्कि सीमा पर अन्य लक्ष्यों पर भी हमले की क्षमता है।